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सीएम योगी ने सूर्य तिलक के दृश्य को सनातन राष्ट्र की आस्था का प्रतीक बताया

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में श्री राम लला के ललाट पर सूर्य तिलक के दृश्य को सनातन राष्ट्र की आस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खास पल को लेकर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने इसे भारत की संस्कृति और परंपराओं की दिव्यता की अभिव्यक्ति करार दिया।

सीएम योगी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "सकल सौभाग्यप्रद सर्वतोभद्र-निधि, सर्व, सर्वेश, सर्वाभिरामं। शर्व-हृदि-कंज-मकरंद-मधुकर रुचिर-रूप, भूपालमणि नौमि रामं॥ सूर्यकुलभूषण प्रभु श्री रामलला के भव्य भाल पर अंकित यह स्वर्णिम 'सूर्य तिलक' सनातन राष्ट्र के हृदय में आस्था का अमर दीप प्रज्वलित कर रहा है।"

उन्होंने आगे कहा कि यह सूर्य तिलक पूरे भारत को आत्मगौरव के प्रकाश से आलोकित कर रहा है और यह हमारी संस्कृति की पवित्रता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह दिव्य क्षण 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के हर संकल्प को अपनी आभा से प्रकाशित करेगा। पोस्ट के अंत में उन्होंने "जय जय श्री राम!" लिखकर अपनी भक्ति और उत्साह को व्यक्त किया।

बता दें कि रामनवमी के अवसर पर अभिजीत मुहूर्त पर श्री राम लला के ललाट पर सूर्य तिलक हुआ। करीब चार मिनट तक यह दुर्लभ संयोग रहा। दुनिया इस अभूतपूर्व पल की साक्षी बनी। सूर्य तिलक के साथ ही मंदिर में आरती की गई। इससे पहले कुछ देर के लिए मंदिर के पट बंद किए गए। गर्भग्रह की लाइट बंद कर दी गई, ताकि सूर्य तिलक स्पष्ट नजर आए।

सूर्य तिलक को लेकर शनिवार को आखिरी ट्रायल किया गया था। आठ मिनट तक चले इस ट्रायल के दौरान इसरो के साथ-साथ आईआईटी रुड़की और आईआईटी चेन्नई के एक्सपर्ट भी मौजूद रहे थे। रामनवमी पर दूसरी बार रामलला के ललाट पर सूर्य तिलक किया गया है। इसका सीधा प्रसारण देश-दुनिया के लोगों ने देखा। रामनवमी के अवसर पर बीते साल भी रामलला का सूर्य तिलक किया गया था। ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि अगले बीस साल तक लगातार सूर्य तिलक होता रहेगा।

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