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ढीले-ढाले कपड़े आजकल बहुत चलन में हैं, दशक बीत गए, मगर कम नहीं हुआ ओवरसाइज कपड़े का चलन

नई दिल्ली
अब वो वक्त गया जब हम फैशन की बात करते थे और हमारे दिमाग में अक्सर चमकदार, फिटेड और परफेक्ट शेप में सजे आउटफिट्स की तस्वीर उभरती थी। जी हां, आज की फैशन दुनिया एक नया रुख ले चुकी है- अब परफेक्ट बॉडी को दिखाना जरूरी नहीं, बल्कि उसे ढककर भी स्टाइलिश दिखना एक ट्रेंड बन चुका है। यही वजह है कि ओवरसाइज कपड़े (Oversized Clothes), जो कभी आलसी या 'अनफ्लैटरिंग' माने जाते थे, आज की यंग जेनरेशन के वॉर्डरोब का सबसे हॉट ट्रेंड बन चुके हैं।

चाहे बात बड़े-बड़े ब्लेजर्स की हो या बैगी जींस की, लोग अब उन कपड़ों को पसंद कर रहे हैं जो न सिर्फ उन्हें आराम देते हैं, बल्कि उनकी सोच, उनकी पहचान और आजादी को भी बयां करते हैं। तो सवाल ये है कि जब पूरी दुनिया फिटनेस, बॉडी टोनिंग और वर्कआउट की दीवानी हो चुकी है, तो ऐसे ढीले-ढाले कपड़े (Loose-fitting clothes) कैसे फैशन का चेहरा बन गए? आइए जानें कि आखिर ओवरसाइज फैशन में ऐसा क्या खास है (Why loose fit is popular), जिसने इसे सिर्फ एक स्टाइल नहीं, बल्कि एक सोच बना दिया है।

फैशन का नया फॉर्मूला हैं ओवरसाइज कपड़े
फैशन वीक में आमतौर पर वही ट्रेंड दिखते हैं जो आने वाले महीनों में सड़कों पर छाए रहेंगे, लेकिन ओवरसाइज फैशन तो बीते कई सालों से लगातार फेमस बना हुआ है। ये ढीले-ढाले, आरामदायक कपड़े हर तरह के बॉडी टाइप के लिए बनाए जाते हैं और लोगों ने इन्हें दिल से अपनाया है। आज के दौर में ओवरसाइज कपड़े स्टाइल का सिंबल बन चुके हैं। ये सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं हैं, बल्कि कम्फर्ट और आत्म-स्वीकृति का प्रतीक भी हैं।

आरामदायक और सुपर स्टाइलिश
चाहे ओवरसाइज ब्लेजर हो, जंपर, स्वेटर या फिर बैगी जींस- इन सभी में एक खास बात है कि ये पहनने में बेहद आरामदायक होते हैं और मौके के हिसाब से इन्हें कैजुअल या फॉर्मल दोनों तरह से स्टाइल किया जा सकता है। पतले लोगों पर ये कपड़े उनके शरीर और कपड़ों के बीच की खाली जगह को दिखाते हैं, जिससे उनकी 'स्लिमनेस' और भी ज्यादा हाइलाइट होती है। वहीं, भारी शरीर वाले लोगों के लिए ये कपड़े उनके शरीर के शेप को ढक लेते हैं, जिससे वे बिना किसी सोशल प्रेशर के कॉन्फिडेंस के साथ बाहर निकल सकते हैं।

जेंडर के दायरे तोड़ता फैशन
ओवरसाइज कपड़ों की लोकप्रियता का एक और बड़ा कारण है- जेंडर रोल्स को तोड़ना। पहले ऑफिस में महिलाएं फिटेड और स्लिम आउटफिट्स में दिखती थीं, लेकिन अब ओवरसाइज सूट्स के जरिए वे एक न्यूट्रल और प्रोफेशनल लुक अपना रही हैं, जो न केवल स्टाइलिश है, बल्कि किसी एक जेंडर तक सीमित नहीं है। इसका मतलब है कि अब कपड़े सिर्फ ‘लड़की है तो पिंक पहने, लड़का है तो ब्लू’ वाली सोच से बाहर निकल चुके हैं। अब फैशन हर किसी के लिए है- जैसे वो हैं, वैसे ही।

एक्सप्रेशन का आजाद तरीका
ओवरसाइज कपड़े न सिर्फ आराम और स्टाइल का मेल हैं, बल्कि ये एक सोच का हिस्सा भी हैं। ये दर्शाते हैं कि किसी महिला का मूल्य सिर्फ उसकी खूबसूरती या बॉडी शेप से नहीं तय किया जा सकता। ये एंड्रोजिनी (जहां मर्दाना और औरतों वाला फैशन मिलकर एक नया रूप लेते हैं) को बढ़ावा देते हैं और व्यक्ति की असली पहचान को बिना किसी जजमेंट के सामने लाते हैं। ओवरसाइज फैशन सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक सोशल स्टेटमेंट है। ये उन सभी लोगों के लिए राहत की तरह है जो जेंडर की पारंपरिक परिभाषाओं से बाहर आना चाहते हैं।

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