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छत्तीसगढ़

धान नीलामी से छत्तीसगढ़ को होगा 7 हजार करोड़ का नुकसान: नेता प्रतिपक्ष

रायपुर

राज्य सरकार द्वारा आज से की जा रही धान नीलामी पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार फेल हुई है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल में छत्तीसगढ़ के पूरे धान का चावल नहीं लिए जाने के कारण नीलामी के जरिए सरकार 35 लाख मीट्रिक टन धान का विक्रय कर रही है. इससे लगभग 7 हजार करोड़ रुपए की क्षति होने की आशंका है.

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की योजना भारत सरकार की योजना है, और राज्य सरकार के द्वारा केन्द्र की ऐजेंसी के रूप में धान उपार्जन का कार्य किया जाता है. इसलिए केन्द्र सरकार को चाहिए सम्पूर्ण सरप्लस धान का चावल केन्द्रीय पूल में ले.

उन्होंने कहा कि पंजाब में इसी सीजन में कुल 172 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ है, और इस सम्पूर्ण धान का चावल केन्द्रीय पूल में लिया जा रहा है. पंजाब में तो भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार भी नहीं है, जबकि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार होने के बाद भी हमारा पूरा सरप्लस चावल केन्द्रीय पूल में नहीं लिया जाना और 7 हजार करोड़ रुपए की क्षति का अनावश्यक आर्थिक भार राज्य के खजाने पर डालना अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है.

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