मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री यादव बोले-ओबीसी आरक्षण पर सरकार का रुख स्पष्ट हैं, हम 27% आरक्षण के पक्ष में डटे हैं

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
ने ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार 27 प्रतिशत आरक्षण देने के स्टैंड पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने कहा कि सॉलिसिटर जनरल से भी इस विषय में चर्चा की गई है और उन्हें सरकार का स्पष्ट पक्ष रखा गया है। डॉ. यादव ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में ओबीसी आयोग द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही ओबीसी आरक्षण से जुड़ी सभी लंबित याचिकाओं को लेकर भी गंभीर संवाद की प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम हो रहा है और प्रदेश सरकार भी सर्वहारा वर्ग के सर्वांगीण विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार न्यायपूर्ण और समावेशी नीतियों के माध्यम से सभी वर्गों को समान अवसर देने के संकल्प पर अडिग है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- रिट लगाइए, चयनित अभ्यर्थियों को होल्ड करने का मामला भी सुनेंगे

सुनवाई के दौरान एमपी के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट से कहा- कि ये 50 फीसदी आबादी से जुड़ा मामला है। उन्होंने कोर्ट से इस मामले की जल्द सुनवाई करने की मांग की। वहीं, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं को बुलाकर संवाद करेंगे।

एससी बोला– आप पिटीशन लगाइए, हम सुनेंगे इस दौरान ओबीसी महासभा के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि एमपी में अलग-अलग विभागों में जिन पदों पर भर्ती हुई उनमें से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट में 27% ओबीसी आरक्षण का मामला लंबित होने का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा जा रहा है।

जबकि 27% ओबीसी आरक्षण पर किसी भी कोर्ट ने कानूनी रोक नहीं लगाई। इसके बावजूद प्रक्रिया के नाम पर चयनित अभ्यर्थियों को जॉइन नहीं कराया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने ओबीसी महासभा के वकील से कहा-

अगली सुनवाई की तारीख चीफ जस्टिस तय करेंगे ओबीसी महासभा के वकील वरुण ठाकुर ने बताया कि आज की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता भी मौजूद थे। कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख चीफ जस्टिस तय करेंगे।

सीएम बोले- आरक्षण को लेकर सरकार पूरी तरह स्पष्ट भोपाल के प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह में शामिल होने के बाद सीएम मोहन यादव ने इस मामले को लेकर कहा कि OBC आरक्षण को लेकर हमारी सरकार पूरी तरह स्पष्ट है।

हम हर हाल में 27% आरक्षण के पक्ष में कायम हैं। हमने अटॉर्नी जनरल को यह भी कहा है कि शिवराज सरकार के समय आई ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण किया जाए।

जल्द ही इस पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे सीएम डॉ. यादव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना के साथ हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सभी वर्गों का हित साधा जा सके। मुझे विश्वास है कि जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

कमलनाथ सरकार ने 27% किया था OBC आरक्षण कमलनाथ सरकार ने 2019 में ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27% कर दिया था। इसके बाद विधानसभा में इससे जुड़े विधेयक को पारित कर दिया गया। 2 सितंबर 2021 को सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी को भर्ती में 27% आरक्षण देने का सर्कुलर जारी किया था।

इसके खिलाफ यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन हाईकोर्ट गया। 4 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने सरकार के सर्कुलर पर रोक लगा दी।

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