राजनीती

रिटायर्ड आईएफएस डबास ने आम आदमी पार्टी छोड़ी, 3 पेज के इस्तीफे में लगाए कई गंभीर आरोप

भोपाल

रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया है। तीन पेज के इस्तीफे में डबास ने दिल्ली के पूर्व सीएम और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

डबास ने लिखा– मैं 1985 बैच का आईएफएस(भारतीय वन सेवा) का एमपी कैडर का अधिकारी रहा हूं। 21 साल की नौकरी के बाद जनवरी 2017 में APCCF के पद से रिटायरमेंट के बाद मप्र में दो सालों तक क्षेत्रीय दलों को मिलाकर तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। मैं दो सालों तक कांग्रेस में 2020 तक कांग्रेस में पिछड़ा वर्ग विभाग का प्रदेश संयोजक रहा। लेकिन कुछ मुद्दों पर मतभेद के चलते कांग्रेस से इस्तीफा दिया था।

कांग्रेस से अलग होने के बाद 21 मई 2022 को आम आदमी पार्टी के मप्र में प्रभारी गोपाल राय के समक्ष आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली थी। 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में आप पार्टी का मेनिफेस्टो बनाया थाा। मैं वर्तमान में आप का प्रदेश सचिव (प्रशासनिक मामले) का दायित्व निभा रहा हूं।

केजरीवाल को चेताया था प्रवेश वर्मा लड़ेंगे चुनाव डबास ने इस्तीफे में लिखा मैं मूलत: दिल्ली की मुंडका विधानसभा के लाड़पुर(कंझावला) गांव का रहने वाला हूं। मेरा परिवार बिजवासन विधानसभा में रहता है। दिल्ली वासी होने के नाते वहां की राजनीति की मुझे अच्छी समझ रही है। मैंने विधानसभा चुनाव के पहले दिसंबर 2024 में आपको पत्र लिखकर बताया था कि वर्तमान परिस्थिति में अकेले दिल्ली में चुनाव लड़ना ठीक नहीं हैं।

बीजेपी किसी भी हद तक जाकर आप को दिल्ली में हराना चाहती थी। मुझे जानकारी मिली थी और मैंने आपको सूचित किया था कि आपके खिलाफ प्रवेश वर्मा को बीजेपी चुनाव लड़ा सकती है। इसी तरह हरीश खुराना को मोदीनगर से, मीनाक्षी लेखी या रमेश बिधूडी को अतिशी मार्लेना के खिलाफ कालकाजी से लड़ा सकती है। मेरा ये सब लिखने का मतलब ये था कि हर सीट पर कांटे की टक्कर होने वाली थी।

टिकट बांटने में गलती की डबास ने लिखा- मैंने अपने पत्र में यह लिखा था कि आम आदमी पार्टी को टिकट वितरण में सावधानी बरतनी चाहिए थी। उस समय पार्टी ने जो 11 टिकट दिए थे उनमें 6 टिकट कांग्रेस और बीजेपी से आए नेताओं को दिए गए थे। इससे मूल कैडर में असंतोष था। ऐसी विषम परिस्थिति में बीजेपी के दुष्प्रचार के चलते जब दिल्ली में मध्यम और बुद्धिजीवी वर्ग का आम आदमी पार्टी से काफी हद तक मोहभंग हो चुका है। ऐसे में एक-एक वोट बेहद कीमती है।

कांग्रेस से गठबंधन कर चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था डबास ने लिखा- मैंने इस बात पर विशेष जोर दिया था कि वर्तमान में आप पार्टी का दिल्ली में चुनाव जीतना बहुत जरुरी है। दिल्ली में जीतने के बाद मप्र छत्तीसगढ़ राजस्थान जैसे राज्यों में अपनी पैठ बढ़ा सकती है। आप ने भले ही राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पा लिया हो लेकिन, वास्तव में राष्ट्रीय पार्टी का स्वरूप तभी लेगी जब मप्र, छत्तीसगढ़ राजस्थान यूपी जैसे बडे़ प्रदेश में जीतेगी।

हरियाणा के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का कांग्रेस से गठबंधन हो गया होता तो आज वहां निश्चित रूप से कांग्रेस और आप पार्टी की साझा सरकार होती। इसका असर महाराष्ट्र के चुनाव पर भी पड़ता। लेकिन आपने मेरे सुझावों को कोई तवज्जो नहीं दी।

"मैं दिल्ली का राजा हूं" ये घमंड की बानगी थी डबास ने लिखा- दिल्ली के विधानसभा चुनाव का नतीजा सबके सामने हैं। दिल्ली के चुनाव में आपका यह कहना कि मैं दिल्ली का राजा हूं ये आपके घमंड की एक बानगी मात्र है। देश के प्रधानमंत्री को सरेआम चुनौती देते हुए कहना कि वे इस जन्म में तो मुझे नहीं हरा सकते। इसके लिए उन्हें पुर्नजन्म लेना होगा। यह वाक्य आपके घमंड की पराकाष्ठा को ही दिखाता है।

शराब घोटाले में जेल गए, मजबूरी में इस्तीफा दिया डबास ने इस्तीफे में आगे लिखा- ये सर्वविदित है कि दिल्ली में आपकी सरकार में हुए शराब घोटाले के बाद आप खुद लगभग 6 महीने तत्कालीन आबकारी मंत्री मनीष सिसौदिया लगभग डेढ़ साल, राज्यसभा सांसद संजय सिंह लगभग 6 महीने और आपके नजदीकी सलाहकार विजय नायर सहित तमाम नेता जेल गए।

जेल से बाहर आने के बाद आपने मजबूरीवश दिल्ली के मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया और ऐलान किया कि आप इस मामले को जनता की अदालत में लेकर जाएगें और जनता ही तय करेगी कि आपके द्वारा भ्रष्टाचार किया गया है या नही।

8 फरवरी 2025 को जनता की अदालत का फैसला आया। चुनाव परिणामों से यह ध्वनि निकली कि आप शराब घोटाले में लिप्त हैं। अगले कुछ सालों में न्यायालय का भी फैसला इस मामले में आ जायेगा और उसमें भी जनता की अदालत जैसा फैसला ही आने की पूरी संभावना है।

दिल्ली सरकार के हर विभाग में भ्रष्टाचार हुआ डबास ने लिखा- अक्टूबर-नवम्बर 2024 में दिल्ली विधानसभा के चुनावों के प्रचार-प्रसार के दौरान मुझे आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली में की गई अवैध गतिविधियों के बारे में ऐसी-ऐसी जानकारियां मिलीं। जो हैरान करने वाली थी। आपकी सरकार के दौरान शायद ही दिल्ली प्रदेश में कोई ऐसा विभाग होगा जिसमें घोटाला न हुआ हो। आपके द्वारा कुछ महीनों से लेकर 6 साल की अवधि तक कैग की 14 ऑडिट रिपोर्ट्स इसलिए विधानसभा में टेबल नहीं की गई। ताकि, आपकी सरकार में हुए कई बड़े-बड़े घोटालों की जानकारी आम जनता तक न पहुंचे।

पहले की तरह एक बार फिर आप दिल्ली की जनता की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो सकें। बीते दिनों दिल्ली प्रदेश की विधानसभा में कैग की 14 ऑडिट रिपोर्ट्स में से 4 रिपोर्ट हाउस में टेबल की गई जिनमें कैग द्वारा भारी मात्रा में अनियमितता पाई गई हैं।

11 साल के केजरीवाल शासन पर कई किताबें लिखी जा सकती हैं डबास ने लिखा दिल्ली में आप ने जिस तरह का शासन किया वो एक शोध का विषय है दिल्ली यूनिवर्सिटी, जेएनयू के छात्र उसपर पीएचडी कर सकते हैं।

मैं तीन साल आम आदमी पार्टी में रहा। दावे के साथ कह सकता हूं मप्र में आप पार्टी का कोई भविष्य नहीं हैं। जो पार्टी खुद भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हो वह भ्रष्टाचार के खिलाफ कैसे आवाज उठा सकती है। सारी स्थितियों को समझने के बाद दिसंबर 2024 से पार्टी कार्यालय जाना और कार्यक्रमों में भाग लेना बंद कर दिया था।

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