व्यापार

भारत इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बना, देश में बिक्री 20 फीसदी बढ़कर 7 लाख के करीब पहुंची

नई दिल्ली
भारत इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2024 में इनकी बिक्री 20 फीसदी बढ़कर 7 लाख के करीब पहुंच गई। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की ग्लोबल EV आउटलुक 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2024 में लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन (3W) बाजार बना रहा। इस वर्ष इन वाहनों की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और आंकड़ा 7 लाख यूनिट के करीब पहुंच गया।

वैश्विक स्तर पर तिपहिया वाहन बाजार में 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इलेक्ट्रिक सेगमेंट में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई और 10 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई। भारत और चीन मिलकर 90 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रिक और पारंपरिक तिपहिया वाहनों की बिक्री के लिए जिम्मेदार रहे। खास बात यह रही कि चीन में इलेक्ट्रिक 3W की हिस्सेदारी 15% से नीचे बनी रही, जबकि भारत ने चीन को पछाड़ते हुए इस सेगमेंट में 57% बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान बनाए रखा।
 
सरकार प्रोत्साहन से बढ़ा ईवी अडॉप्शन
भारत सरकार की नई योजना PM ई-DRIVE को इस तेजी से बढ़ते ट्रेंड का बड़ा कारण माना जा रहा है। इस योजना के तहत 2024 में 3 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों को व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रोत्साहन देने हेतु बजट आवंटित किया गया है। IEA के मुताबिक, भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया आज भी दोपहिया और तिपहिया वाहनों (2/3W) के सबसे बड़े बाजार हैं। भारत में 2024 में 220 इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता सक्रिय रहे, जिनमें से शीर्ष 4 कंपनियों ने कुल बिक्री का 80 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। कुल 13 लाख EV दोपहिया वाहन बिके, जो पूरे बाजार का 6 प्रतिशत है।

भारत में बढ़ी ई-वाहन निर्मान क्षमता
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सरकारी प्रोत्साहनों के कारण इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कीमतें अब पारंपरिक वाहनों के करीब पहुंच रही हैं। जैसे ओला ने S1X मॉडल 70,000 रुपये में पेश किया है। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के तहत दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5,000 रुपये प्रति kWh तक की सहायता मिल रही है। भारत में EV उत्पादन क्षमता भी तेजी से बढ़ी है। 2024 में 80 प्रमुख निर्माताओं की कुल क्षमता 1 करोड़ यूनिट थी, जो घरेलू बिक्री से आठ गुना ज्यादा थी। यह आने वाले समय में 1.7 करोड़ यूनिट तक जा सकती है।

पिछले साल बिकी 1 लाख इलेक्ट्रिक कारें
इलेक्ट्रिक कारों की बात करें तो 2024 में इनकी बिक्री 1 लाख यूनिट रही। 2025 की पहली तिमाही में बिक्री 35,000 यूनिट तक पहुंच गई, जो सालाना 45 प्रतिशत की वृद्धि है। भारत में घरेलू कंपनियों द्वारा निर्मित कारें चीन से आयातित मॉडलों की तुलना में सस्ती हैं। इलेक्ट्रिक बसों के मामले में भी भारत ने बड़ी प्रगति की है। 2020 में जहां इनकी संख्या 3,000 से कम थी, 2024 के अंत तक यह 11,500 से अधिक हो गई।

 

Tags

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड