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अब यूपोपीय संघ ने चीन के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी, हरेक छोटे पार्सल पर हैंडलिंग शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा

नई दिल्ली
दुनिया की दो आर्थिक महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच पिछले कई महीनों से ट्रेड वॉर छिड़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 145 फीसदी का रेसिप्रोकल टैक्स लगाया है, इसके जवाब में चीन ने भी उतना ही टैक्स अमेरिकी आयातित वस्तुओं पर लगाया है। हालांकि, फिलहाल दोनों देशों ने इसे 90 दिनों के लिए रोक रखा है और व्यापार को सुगम बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं लेकिन इस ट्रेड वॉर में चीन का खिलौना उद्योग तबाही के कगार पर पहुंच गया है। वहां कई कारखाने बंद हो चुके हैं, जबकि कई ने कर्मचारियों की छंटनी कर दी है तो कुछ कंपनियों में सैलरी का संकट आ पड़ा है।

इसी बीच, अब यूपोपीय संघ (EU) ने चीन के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। EU ने चीन से आने वाले हरेक छोटे पार्सल पर हैंडलिंग शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इससे चीनी ई-कॉमर्स मार्केट को बड़ा नुकसान हो सकता है। ईयू के इस प्रस्ताव से चीन बौखला गया है। चीन ने यूरोपीय संघ से व्यापार के लिए निष्पक्ष मैदान उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "चीन का मानना ​​है कि एक खुला और समावेशी व्यापार वातावरण बनाना सभी पक्षों के साझा हित में है। हमें उम्मीद है कि यूरोपीय यूनियन खुला बाजार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाएगा और चीनी कंपनियों के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और गैर-भेदभावकारी व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।"

छोटे मूल्य के पार्सल पर शुल्क
दरअसल, यूरोपीय यूनियन ने विदेशों से सीधे ग्राहकों को भेजे जाने वाले 150 यूरो या उससे कम मूल्य के छोटे पैकेजों के लिए 2 यूरो यानी 2.27 डॉलर (195.15 रुपये) शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा यूरोपीय गोदामों में भंडारण के लिए भेजे जाने वाले पार्सल के लिए प्रति पार्सल 50 सेंट का शुल्क रखा गया है। EU के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविक ने मंगलवार को यूरोपीय सांसदों को इस प्लान के बारे में जानकारी दी है। इस टैक्स से EU को लगभग 3 अरब यूरो (3.4 अरब अमेरिकी डॉलर) की आय होगी।

यूरोपीय संघ में 91 फीसदी छोटे पार्सल चीन से आयातित
सेफकोविक ने सांसदों को बताया कि इस आय का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर पार्सल की आवाजाही के लिए सीमा शुल्क और सुरक्षा जांच की लागत को कवर करने के लिए किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में यूरोपीय संघ में प्रवेश करने वाले लगभग 4.6 अरब छोटे पार्सल में से 91 फीसदी सिर्फ चीन से आए थे। अगर EU ने नए टैक्स प्रस्ताव को मंजूरी दी तो शीन और टेमू जैसी चीनी ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनियों पर सबसे ज्यादा मार पड़ेगी। इन दोनों कंपनियों के यूरोपीय यूनियन के अंदर कई वितरण केंद्र हैं। टेमू यूरोपीय ऑर्डर का करीब 80 फीसदी माल लोकल वेयरहाउस से सप्लाई करता है।

फ्रांसीसी सरकार बढ़-चढ़कर कर रही काम
बहरहाल, सेफकोविक ने यह नहीं बताया है कि प्रस्तावित टैक्स कब से लागू होगा। न ही इसका उल्लेख किया गया है कि लोकल वेयरहाउस से सप्लाई किए जाने पर कितना टैक्स लगंगा। दूसरी तरफ फ्रांसीसी सरकार, जो इस शुल्क के लिए बढ़-चढ़कर काम कर रही है, ने पिछले महीने कहा था कि 2026 तक नया शुल्क वसूलना शुरू हो जाएगा।

 

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