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भारत में कोरोना केस 2700 के पार, 24 घंटे में 7 मौतें भी… केरल-महाराष्ट्र और दिल्ली में सबसे ज्यादा असर

 नई दिल्ली
 भारत में एक बार फिर से कोरोना पैर पसार रहा है और कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। चीन, सिंगापुर औ हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों में बढ़ते केस के बीच भारत में भी लोगों में कोविड-19 को लेकर डर का माहौल है।

इन दिनों कोरोना के एक या दो नहीं, बल्कि चार वैरिएंट एक्टिव हैं। देश में कोरोना के कुल एक्टिव केस 2710 हैं। पिछले 24 घंटों में 511 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही 255 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं।

30 मई की सुबह 8 बजे तक के आंकड़े के मुताबिक, दिल्ली में 294 और गुजरात में 223 मरीज मिल चुके हैं. कर्नाटक और तमिलनाडु में 148-148 केस दर्ज किए गए हैं. जबकि पश्चिम बंगाल में 116 मामले दर्ज किए गए हैं. पिछले 24 घंटे में 7 मौतें भी दर्ज की गई हैं. इस साल के पहले पांच महीनों में मरने वालों की संख्या 22 हो गई है. पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में दो मौतें हुई हैं. जबकि दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब और तमिलनाडु में एक-एक मौत रिकॉर्ड की गई है.

दिल्ली में 24 घंटे में 77 मरीज मिले

दिल्ली में 60 वर्षीय महिला की मौत हुई है. राष्ट्रीय राजधानी में 24 घंटे में 77 मरीज मिले हैं. उसके बाद केरल में 24 घंटे में 72 और महाराष्ट्र में 34 मरीज पाए गए.

बीते सप्ताह (25 मई तक) कोविड केसों में पांच गुना उछाल देखने को मिला था और आंकड़ा 1,000 पार कर गया था. केरल में सबसे ज्यादा कोरोना टेस्ट किए गए हैं. संभवत: इससे वहां मरीज भी सबसे ज्यादा ट्रेस हुए हैं. मिजोरम में भी कोरोना के दो केस सामने आए हैं. यहां सात महीने बाद कोरोना के मरीज मिले.

उछाल के पीछे क्या वजह?

माना जा रहा है कि ओमिक्रॉन के दो नए सब-वेरिएंट – LF.7 और NB.1.8.1 ने टेंशन बढ़ाई है. कोरोना केसों में अचानक हुई इस वृद्धि के लिए इन्हीं दो वेरिएंट को जिम्मेदार बताया जा रहा है. हालांकि JN.1 अभी भी प्रमुख वेरिएंट बना हुआ है. अब तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने LF.7 या NB.1.8.1 को चिंताजनक वेरिएंट के रूप में क्लासिफाइड नहीं किया है.

हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना के अधिकांश मामले हल्के हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है. एक्सपर्ट ने सुझाव दिया है कि नए वेरिएंट में कुछ हद तक प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता हो सकती है, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वे लंबे समय तक गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं. इसके लक्षण काफी हद तक सामान्य फ्लू जैसे ही हैं. कुछ लक्षणों में बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द और थकावट शामिल हैं.

कई राज्यों ने अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, टेस्टिंग किट और वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने का निर्देश दिया है. बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाते समय मास्क पहनने की सलाह दी गई है.

राज्यवार केस विवरण (अब तक)

केरल- 1,147 केस
महाराष्ट्र- 424 केस
दिल्ली- 294 केस
गुजरात- 223 केस
कर्नाटक-तमिलनाडु: 148-148 केस
पश्चिम बंगाल- 116 केस
राजस्थान- 51 केस
यूपी- 42 केस
पुडुचेरी- 35 केस

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