मध्यप्रदेश

मोहन सरकार ने बच्चों में आक्रामकता और हिंसक प्रवृत्ति बढ़ाने वाले खिलौनों के निर्माण पर रोक लगाने का फैसला किया

भोपाल
 बच्चों में आक्रामकता और हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले खिलौनों का प्रदेश में निर्माण नहीं किया जाएगा। इस तरह के खिलौने बनाने वाले उद्योगों को राज्य सरकार हतोत्साहित करेगी। उन्हें अनुदान नहीं दिया जाएगा। वहीं सकारात्मकता और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाले खिलौनों के निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सामाजिक सुधार की दिशा में राज्य सरकार शीघ्र आवाश्यक उपाय करने जा रही है। दरअसल, सरकार का मानना है कि बच्चों में आक्रामकता फैलाने वाले खिलौनों के कारण हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

इन खिलौनों के निर्माण को मिलेगा प्रोत्साहन

पिछले दिनों सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक में यह विषय आया था। वहां एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने आक्रामकता और हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले खिलौनों के निर्माण को हतोत्साहित कर सकारात्मक, रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाले खिलौने के निर्माण को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया था।

बैठक में यह विषय पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा ने भी उठाया था। उनका यह कहना था कि बच्चों में आक्रामकता फैलाने वाले खिलौनों के कारण हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए अब विभाग कार्ययोजना बना रहा है।

इंदौर के रंगवासा और सीहोर के बुदनी में खिलौना क्लस्टर

प्रदेश में इंदौर के ग्राम रंगवासा और सीहोर के बुदनी में खिलौना क्लस्टर को सरकार प्राथमिकता में रखते हुए प्रोत्साहित कर रही है। मध्य प्रदेश में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से इन दोनों ही औद्योगिक क्षेत्रों में खिलौना क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि आम आदमी आत्मनिर्भर बनेगा, तभी मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता हैं।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में खिलौने बेचने वालों को कम कीमत पर लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है और उनके लिए रोजगार का प्रबंध करने का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। दोनों क्लस्टर शासकीय भूमि पर संचालित हैं और वर्तमान में स्थापनाधीन हैं।

इनमें आक्रामकता और हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले खिलौनों के निर्माण को हतोत्साहित करने के लिए अनुदान, बैंक लोन जैसी सुविधाएं नहीं देने की तैयारी की जा रही है।

बुदनी के खिलौनों की मांग ज्यादा

बुदनी के लकड़ी के खिलौनों की मांग अधिक है। यहां के खिलौनों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने एवं खिलौनों की कला का प्रचार-प्रसार तथा मार्केटिंग के लिए जैम पोर्टल और बड़ी कंपनियों से बात की जा रही है।

खिलौना क्लस्टर खत्म करेंगे चीन का वर्चस्व

सरकार का मानना है कि प्रदेश में बन रहे खिलौना क्लस्टर के शुरू होने के बाद चीन का वर्चस्व समाप्त हो जाएगा। चीन में निर्मित खिलौनों से बेहतर सामान अब मध्य प्रदेश में ही बनेगा। विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी है कि उत्पादों की गुणवत्ता, आज की जरूरत और नई तकनीकों के अनुरूप उत्पाद तैयार किए जाएं। उत्पादों की लागत की कमी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में दिया गया सुझाव, सरकार कर रही विचार

    परामर्शदात्री समिति की बैठक में विभागीय मंत्री काश्यप और पूर्व मंत्री सखलेचा ने यह सुझाव दिया था। यह बड़ा विषय है। आक्रामकता और हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले खिलौनों के निर्माण को हतोत्साहित करने के लिए एमएसएमई नीति में संशोधन या नए प्रविधान जोड़ने की आवश्यकता होगी। ऐसे खिलौनों को चिह्नित भी किया जाएगा। इस बारे में शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है। – दिलीप कुमार, आयुक्त एमएसएमई, भोपाल

 

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