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पीएम मोदी ने चिनाब नदी पर बने अद्वितीय चिनाब पुल को राष्ट्र को किया समर्पित

 जम्मू-कश्मीर

आज जम्मू-कश्मीर एक महत्वपूर्ण क्षण का साक्षी बनेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिनाब नदी पर बने अद्वितीय चिनाब पुल को राष्ट्र को समर्पित किया. इसके साथ ही, कटरा से वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर श्रीनगर के लिए रवाना किया. इस परियोजना के माध्यम से कश्मीर का रेल मार्ग कन्याकुमारी तक जुड़ जाएगा, जिससे दिल्ली और कश्मीर के बीच की दूरी कम होगी. चिनाब ब्रिज विश्व का सबसे ऊँचा रेल आर्च ब्रिज है, जो भूकंपीय क्षेत्र पांच में स्थित है. यह पुल दो पहाड़ों के बीच निर्मित है, जहाँ तेज हवाओं के कारण विंड टनल फिनोमेना का अनुभव होता है. इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए, पुल को 260 किलोमीटर प्रति घंटा की हवा की गति का सामना करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है. चिनाब ब्रिज 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और पेरिस के एफिल टॉवर से भी ऊंचा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज कटरा से श्रीनगर तक उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) पर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे. इस अवसर पर वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल, चेनाब ब्रिज और अंजी ब्रिज का उद्घाटन भी करेंगे. इसके साथ ही, कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी.

आजादी के 77 साल बाद भी कश्मीर बर्फबारी के मौसम में देश के अन्य हिस्सों से कट जाता है, खासकर नेशनल हाईवे-44 के बंद होने के कारण. इस स्थिति में जम्मू से कश्मीर पहुंचने में 8 से 10 घंटे का समय लग जाता था. लेकिन अब ट्रेन सेवा शुरू होने से यह यात्रा मात्र तीन घंटे में पूरी हो सकेगी.

रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि रेलवे ने उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक पर दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है. ये ट्रेनें श्री माता वैष्णो देवी, कटरा से श्रीनगर के बीच प्रतिदिन संचालित होंगी. पहली ट्रेन सुबह 8:10 बजे और दूसरी 14:55 बजे (दोपहर 2:55 बजे) रवाना होगी. सुबह 8:10 बजे चलने वाली ट्रेन बनिहाल से होते हुए लगभग तीन घंटे में सुबह 11:10 बजे श्रीनगर पहुंचेगी, जबकि दूसरी ट्रेन शाम 6 बजे श्रीनगर पहुंचेगी. इसके विपरीत, 26404 ट्रेन प्रतिदिन सुबह 8 बजे श्रीनगर से चलकर श्री माता वैष्णो देवी, कटरा स्टेशन पहुंचेगी. दूसरी ट्रेन दोपहर 2 बजे श्रीनगर से रवाना होकर प्रतिदिन शाम 5:05 बजे कटरा पहुंचेगी. इन ट्रेनों में आठ कोच होंगे, जिसमें एक्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार की सुविधा उपलब्ध होगी.

चिनाब ब्रिज प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगे 22 साल
कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से साल भर रेलवे के माध्यम से जोड़ने के लिए 1997 में USBRL प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी, जिसे पूरा करने में 28 साल से अधिक का समय लगा. चिनाब ब्रिज इसी उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी लागत 43 हजार 780 करोड़ रुपये है. इस 272 किमी लंबी रेललाइन में 36 सुरंगें शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई 119 किमी है. इसमें 12.77 किमी लंबी T-49 टनल देश की सबसे लंबी ट्रांसपोर्ट टनल मानी जाती है. इसके अलावा, इस ट्रैक पर 943 पुल हैं, जिनकी कुल लंबाई 13 किमी है.

कश्मीर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना का कार्य 1997 में आरंभ हुआ था. हालांकि, भूवैज्ञानिक और मौसम से संबंधित कठिनाइयों के कारण इस परियोजना की समयसीमा कई बार बढ़ाई गई, जिससे इसकी लागत में भी वृद्धि हुई. अंततः यह परियोजना 41,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि में पूरी हुई.

कुल 272 किलोमीटर लंबी यूएसबीआरएल परियोजना के 209 किलोमीटर हिस्से का कार्य विभिन्न चरणों में सफलतापूर्वक पूरा किया गया है. अक्टूबर 2009 में 118 किलोमीटर लंबे काजीगुंड-बारामूला खंड का पहला चरण समाप्त हुआ. इसके बाद, जून 2013 में 18 किलोमीटर लंबा बनिहाल-काजीगुंड खंड, जुलाई 2014 में 25 किलोमीटर लंबा उधमपुर-कटरा खंड, और पिछले वर्ष फरवरी में 48.1 किलोमीटर लंबा बनिहाल-संगलदान खंड पूरा किया गया. इसके अतिरिक्त, 46 किलोमीटर लंबे संगलदान-रियासी खंड का कार्य भी पिछले साल जून में समाप्त हुआ, जबकि रियासी और कटरा के बीच 17 किलोमीटर का शेष हिस्सा अंततः पिछले साल दिसंबर में पूरा हुआ.

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