देश

एलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में दूरसंचार मंत्रालय से लाइसेंस मिला

 नई दिल्ली
 भारत में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की एंट्री बहुत जल्द होने जा रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि स्टारलिंक को भारत के दूरसंचार मंत्रालय से एक महत्वपूर्ण लाइसेंस मिल गया है। इस लाइसेंस का मिलना स्टारलिंक के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

बता दें कि स्टारलिंक भारत में तीसरी कंपनी होगी, जिसको दूरसंचार मंत्रालायल द्वारा सैटकॉम लाइसेंस मिला है। इससे पहले जियो और एयरटेल को भी ये लाइसेंस मिल चुका है। इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया था कि जल्द ही स्टारलिंक सैटकॉम लाइसेंस दिया जा सकता है, इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।

 एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार से मंजूरी के बाद अब स्टारलिंक भारत में अपने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की शुरुआत करने के और करीब पहुंच गया है. अब स्टारलिंक भारत की तीसरी ऐसी कंपनी बन गई है जिसे सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने की अनुमति मिली है.

संचार मंत्री ने मंजूरी के बारे में बताया

देश के संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह जानकारी दी कि अब स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने की अनुमति दे दी गई है. उन्होंने बताया कि इससे पहले भारती एयरटेल की OneWeb और रिलायंस की Jio को भी सरकार की तरफ से लाइसेंस जारी किया गया था. अब स्टारलिंक को भी ये लाइसेंस मिलने से भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं एक नया रूप लेंगी.

उन्होंने कहा कि स्टारलिंक की सैटेलाइट कनेक्टिविटी देश की टेलीकॉम सेवाओं में एक महत्वपूर्ण जोड़ है. पहले सिर्फ फिक्स्ड लाइन कनेक्शन होते थे, फिर मोबाइल नेटवर्क आया, फिर ब्रॉडबैंड और अब ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क भी आ गया है. इन सबके साथ-साथ अब सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी बेहद जरूरी हो गई है.

सिंधिया ने यह भी कहा कि देश के उन इलाकों में जहां परंपरागत टावर या केबल लगाना मुश्किल होता है, वहां तक इंटरनेट पहुंचाना अब सैटेलाइट तकनीक से संभव होगा. इससे दूर-दराज और पहाड़ी क्षेत्रों में भी अच्छी इंटरनेट सेवा मिल सकेगी और डिजिटल इंडिया की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ेगा..

क्या है Starlink?

Starlink, एलॉन मस्क की कंपनी SpaceX की एक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस है. ये लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस है. इसकी मदद से दुनिया के दूर-दराज के इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है. पिछले काफी समय से चर्चा है कि स्टारलिंक की सर्विस भारत में लॉन्च होगी.

स्टारलिंक 500 से 550 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहुत से छोटे सैटेलाइट्स के जरिए काम करती है. ये कोई पहला मौका नहीं जब भारत में स्टारलिंक की चर्चा हो रही हो. कंपनी ने साल 2021 में भारत में प्री-बुकिंग शुरू कर दी थी. हालांकि, भारत सरकार से जरूरी लाइसेंस ना मिलने की वजह से उस वक्त कंपनी को प्री-बुकिंग रोकनी पड़ी थी.

जियो और Airtel से करना होगा मुकाबला

भारत में इस कंपनी का सीधा मुकाबला रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के OneWeb से होगा. हालांकि, हाल में ही स्टारलिंक ने इस दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी का ऐलान किया था. ये ऐलान स्टारलिंक की किट और हार्डवेयर डिस्ट्रिब्यूशन को लेकर है. स्टारलिंक कई देशों में उलपब्ध है और भारत में इसकी सर्विस शुरू होने में अभी वक्त है.  

जरूरी लाइसेंस मिलने के बाद भी अभी तक सैटेलाइट स्पेक्ट्रम की तस्वीर साफ नहीं हुई है. सैटेलाइट स्पेक्ट्रम बंट जाने के बाद ही कोई कंपनी भारत में अपनी सर्विस शुरू कर पाएगी. यहां एक चुनौती स्पेक्ट्रम आवंटन के तरीके पर है. जहां जियो और एयरटेल पारंपरिक तरीके से स्पेक्ट्रम की नीलामी चाहते हैं. वहीं Starlink एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से बंटवारा चाहती है.

फायदे और कीमत

अब सवाल है कि Starlink या फिर सैटेलाइट इंटरनेट से लोगों को क्या फायदा मिलेगा. रिमोट एरिया में इससे कनेक्टिविटी आसान हो जाएगा. खासकर ऐसी जगहों पर जहां टावर लगाना या फिर ब्रॉडबैंड की सर्विस पहुंचाना मुश्किल है. सैटेलाइट इंटरनेटज की वजह से ऐसे एरिया में भी बेहतर स्पीड मिलेगी.

हालांकि, ये सर्विस किस कीमत पर लॉन्च होती है, ये भी एक बड़ा सवाल है. अभी तक के अनुमान के मुताबिक कंपनी की सर्विस महंगी होगी. स्टारलिंक की किट के लिए आपको अच्छी-खासी राशि देनी पड़ सकती है. वहीं मंथली या ऐनुअल प्लान भी रेगुलर ब्रॉडबैंड प्लान के मुकाबले काफी महंगे होंगे.

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com