मध्यप्रदेश

प्री मानसून भीषण गर्मी में राहत देने आ रहा, 16 जून से प्रदेश में झमाझम बारिश

भोपाल

मानसून 2025, 14 दिन से महाराष्ट्र में ठहरा हुआ है। इसके आगे नहीं बढऩे से मानसून सीजन में हीटवेव ने घुसपैठ कर दी है। सोमवार 9 जून से राजस्थान से चली गर्म हवा की वजह से मध्य प्रदेश में लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। यहां कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।

मानसून 2025, 14 दिन से महाराष्ट्र में ठहरा हुआ है। इसके आगे नहीं बढऩे से मानसून सीजन में हीटवेव ने घुसपैठ कर दी है। 9 जून से राजस्थान से चली गर्म हवा की वजह से मध्य प्रदेश में लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। यहां कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन समेत एमपी के कई शहरों में आसमान से आग बरसी। गर्मी ने जैसे शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। दोपहर का आलम ये है कि व्यस्ततम सड़कें खाली नजर आ रही हैं। नौतपा जैसी गर्मी का दौर अब चल रहा है।

ग्वालियर में 24 दिन में दूसरी बार सबसे ज्यादा गर्मी

इस सीजन में ग्वालियर में 24 दिन बाद दूसरी बार अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इससे पहले 16 मई को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था। 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हीटवेव भी चलीं। मौसम विभाग ने पूरे हफ्ते भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है। आज 11 जून को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो सकता है।

गर्म हवाओं से आसमान साफ, चलीं हीट वेव्ज

दरअसल जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी नहीं आ रही है। राजस्थान की गर्म हवा 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चल रही है। इस हवा की वजह से आसमान साफ हो गया है। दोपहर में हीटवेव चलने से गर्मी बढ़ गई। छह घंटे तक तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। शहर भीषण गर्मी से तप गया। सूर्य अस्त के बाद भी गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया।

15 जून से एक्टिव होगा मानसून, एमपी में 16 जून से प्री-मानसून

बंगाल की खाड़ी में 13 जून को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसकी वजह से सुस्त अवस्था में पड़ा मानसून एक बार फिर एक्टिव हो जाएगा। पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा। 16 जून से शहर में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाएगी। आंधी और बारिश का दौर शुरू होगा। तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस भरी गर्मी तब भी झेलनी पड़ेगी।

14 साल का रिकॉर्ड टूटा! इस बार नहीं पड़ी नौतपे की मार

मध्य प्रदेश में इस बार मौसम (MP Weather) ने पिछले 14 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है. 14 वर्षों के मुकाबले इस बार का नौतपा (Nautapa) सबसे ज़्यादा ठंडा रहा है. नौतपे के दौरान अत्यधिक तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया है, जो बीते सालों के मुकाबले सबसे कम है.
कब से कब तक था नौतपा?

भोपाल में इस साल का नौतपा बीते सोमवार को समाप्त हो गया. 25 मई से 2 जून तक चलने वाले नौतपा ने इस बार तापमान के लिहाज से नया रिकॉर्ड बना दिया. बीते 14 साल में यह सबसे 'ठंडा' नौतपा रहा. इन 9 दिनों में दिन का औसत अधिकतम तापमान महज 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. नौतपा में सिर्फ एक दिन ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंच सका. इसकी विदाई भी आंधी और हल्की बौछारों के साथ हुई. इसने गर्मी और उमस को गायब कर दिया. जहां नौतपे के दौरान आम तौर पर भीषण गर्मी और हीट वेव के अलर्ट जारी होते थे तो वहीं, इस बार लगभर हर दिन 30 से 35 जिलों में बारिश के अलर्ट जारी रहे.

गर्म हवाओं से आसमान साफ, चलीं हीट वेव्ज
दरअसल जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी नहीं आ रही है। राजस्थान की गर्म हवा 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चल रही है। इस हवा की वजह से आसमान साफ हो गया है। दोपहर में हीटवेव चलने से गर्मी बढ़ गई। छह घंटे तक तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। शहर भीषण गर्मी से तप गया। सूर्य अस्त के बाद भी गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया।

पहला सप्ताह बीता राहत का, दूसरे में झुलसे लोग
वैसे जून का पहला सप्ताह ज्यादा तपता है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह में काफी राहत रही। तापमान सामान्य से ऊपर नहीं आ सका था, लेकिन दूसरे सप्ताह में भीषण गर्मी रही। जबकि दूसरे सप्ताह में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाती है।
जून के तीसरे सप्ताह में आंधी व बारिश का दौर चलेगा। चौथे सप्ताह में मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। इस बार ग्वालियर में बारिश औसत से पीछे चल रही है।

पारे की चाल
समय – तापमान

0530 – 31.0

0830 – 36.8

1130 – 42.4

1430 – 44.2

1730 – 43.4

जून में अगले छह दिन में दर्ज होने वाला अधिकतम तापमान

तारीख- पारा

10 – 45
11 – 46

12 – 45

13 – 45

14 – 42

15 – 43

15 जून से एक्टिव होगा मानसून, एमपी में 16 जून से प्रीमानसून
बंगाल की खाड़ी में 13 जून को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसकी वजह से सुस्त अवस्था में पड़ा मानसून एक बार फिर एक्टिव हो जाएगा। पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा। 16 जून से शहर में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाएगी। आंधी और बारिश का दौर शुरू होगा। तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस भरी गर्मी तब भी झेलनी पड़ेगी।

एमपी में 19-25 जून के बीच मानसून देगा दस्तक
19 से 25 जून के बीच मानसून की ग्वालियर चंबल संभाग में दस्तक हो सकता है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के असर से तेज बारिश की संभावना है। मानसून की पूर्वी शाखा से अंचल में मानसून आता है।

हीटवेव का अलर्ट, इस दिन होगी मानसून की एंट्री
ग्वालियर चंबल, बुंदेलखंड क्षेत्र में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहे है। अगले दो दिनों तक मौसम ड्राई रहने से गर्मी रहेगी।
–दिव्या सुरेंद्रन, मौसम वैज्ञानिक, ग्वालियर।

 

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