मध्यप्रदेश

छिंदवाड़ा-सिवनी फोरलेन हाईवे से किसान और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, होजाएंगे मालामाल

छिंदवाड़ा
नेशनल हाइवे 347 को छिंदवाड़ा से सिवनी तक फोरलेन में तब्दील करने के लिए मांग उठने लगी है. एनएचएआई (National Highways Authority of India) के तय मानकों के अनुकूल टू लेन हाइवे को फोरलेन में अपग्रेड करने के लिए सभी खूबियां मौजूद हैं. सबसे ज्यादा जरूरी ट्रैफिक की स्थिति होती है. यहां पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) का 10 हजार से अधिक का आंकलन किया गया है. एनएचएआई के मानकों के अनुकूल 10 हजार पीसीयू में फोरलेन का निर्माण किया जा सकता है.

छिंदवाड़ा से सावनेर तक फोरलेन बनाने का गडकरी ने किया था वादा
छिंदवाड़ा से सावनेर तक एनएच 547 को फोरलेन में तब्दील करने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जताई है. सौंसर के बजाज तिराहे से राजना जोड़ तक फोरलेन की मांग पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पूर्व में आश्वासन दे चुके हैं. छिंदवाड़ा से सिवनी तक फोरलेन के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ प्रयासों की आवश्कता है.

अभी छिंदवाड़ा-सिवनी 2 लेन हाइवे की ये स्थिति
छिंदवाड़ा से सिवनी तक टू लेन हाइवे की लंबाई 70 किलोमीटर है. चौड़ाई 24 से 36 मीटर तक है. फोरलेन में 45 से 60 मीटर तक चौड़ाई की आवश्कता होगी. छिंदवाड़ा से सिवनी के बीच सिर्फ दो नदियां पड़ती हैं. पहली झिलमिली के पास पेंच नदी पर बड़ा पुल बना हुआ है. दूसरी लखनवाड़ा में बैनगंगा नदी, जहां नए सिरे से पुल निर्माण की आवश्कता होगी.

किसान और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
चौरई विधायक सुजीत सिंह चौधरी ने बताया कि, ''जिला महानगरों की तर्ज पर विकसित हो रहा है. यहां वेस्टर्न कोल फील्ड्स की कोयला खदानें पहले से संचालित हैं. बड़ी औद्योगिक इकाइयां भी जिले में स्थापित हैं. कृषि आधारित उद्योग भी छिंदवाड़ा-पांढुर्ना में स्थापित किए जाने हैं. ढाई हजार करोड़ की पेंच व्यपवर्तन सिंचाई परियोजना लगभग पूरी हो गई है. कन्हान नदी पर 4 हजार करोड़ लागत वाले छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स पर काम जारी है. फोरलेन बनने से इनको बढ़ावा मिलेगा.''

सिवनी मंडी में सब्जी बेच सकेंगे किसान
इस नेशनल हाईवे के बन जाने से किसानों को भी फायदा पहुंचेगा. क्योंकि छिंदवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा सब्जी उत्पादक किसान हैं, जो सिवनी सब्जी मंडी से जुड़ जाएंगे. क्योंकि सिवनी की सब्जी मंडी में महाराष्ट्र के गोंदिया और छत्तीसगढ़ के रायपुर से व्यापारी पहुंचते हैं, ताकि किसानों को अपनी सब्जियों के अच्छे दाम मिल जाते हैं. इस नेशनल हाईवे के बन जाने से छिंदवाड़ा का किसान भी सिवनी सब्जी मंडी में अपनी फसल लेकर जा सकता है.

हाइवे पर हादसों को रोकने में मिलेगी मदद
यातायात विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, टू लेन हाइवे को फोरलेन में बदलकर सड़क दुर्घटनाओं को भी कम किया जा सकेगा. जिले में हाइवे पर हादसों के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 में 550 से ज्यादा दुर्घटनाएं हुई थीं, जिसमें 200 से ज्यादा जाने गई थीं. वहीं, इस साल जनवरी से 31 मई तक कुल 556 हादसे हुए हैं. जिनमें 718 घायल हुए, जबकि 218 की जान गई. इनमें अधिकांश हादसे हाईवे पर ही हुए.

फोरलेन बनाने के लिए जरूरी मापदंड पूरे करता है हाईवे
सबसे जरूरी पैसेंजर कार यूनिट 10 हजार से ज्यादा है, जो फोरलेन के लिए तय मानकों के अनुसार है. पहाड़ी या घाटी वाला क्षेत्र नहीं है, फॉरेस्ट भी बहुत कम मात्रा में है. मैदानी या समतल हिस्सा ज्यादा है. छिंदवाड़ा से सिवनी के बीच रोड अलाइ‌मेट के बदलने की आवश्यकता नहीं है. टू लेन को आसानी से फोरलेन में तब्दील किया जा सकता है.

मेजर रोड कनेक्टिविटी भी पर्याप्त है. हाईवे नागपुर और जबलपुर से जुड़ेगा, सिवनी से बालाघाट के लिए भी आसानी होगी. बंडोल से चौरई व चौरई से रेमंड चौक तक स्टेट हाइवे कनेक्ट है. चौरई में बायपास पहले ही बना हुआ है. 70 किमी के हाइवे पर दूसरी बड़ी बसाहटें नहीं है. तीन बसाहटों ईसरा उमरिया, झिलमिली और लखनवाड़ा में पहले ही फोरलेन के अनुसार चौड़ी सड़क बनी हुई है.

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