विदेश

भारत-पाकिस्तान युद्ध में तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं… खुलासे से बौखलाए सेनाध्यक्ष मुल्‍ला मुनीर

इस्लामाबाद
भारत के खिलाफ चीन और तुर्की की मदद के बाद भी बुरी तरह हाल झेलने वाले पाकिस्तान के आर्मी चीफ बौखला गये हैं। भारत के खिलाफ चीन और तुर्की के हथियार बुरी तरह से नाकाम रहे थे, जिससे चीन की पूरी दुनिया में कलई खुल गई है। वहीं तुर्की की ड्रोन इंडस्ट्री भी, जिसने पिछले कुछ सालों से भ्रम पैदा किया था, उसकी भी पोल खुल गई है। जिसके बाद अब पाकिस्तान आर्मी चीफ, चीन और तुर्की को बचाने में लगे हैं। इसीलिए उन्होंने कहा है कि 'भारत के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान की किसी ने मदद नहीं की थी।' जबकि पूरी दुनिया जान गई है कि किस तरह से चीन और तुर्की लगातार पाकिस्तान की मदद कर रहे थे। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने रावलपिंडी में दावा करते हुए कहा है कि ' भारत औप पाकिस्तान के बीच का संघर्ष पूरी तरह से द्विपक्षीय था।' यानि उन्होंने किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को नकारा है, जबकि भारतीय सेना ने सबूत देकर कहे हैं कि किस तरह से चीन, पाकिस्तान की लगातार लाइव मदद कर रहा था।

पाकिस्तान के फील्ड मार्शल रावलपिंडी में पूरी तरह से बौखलाए थे और अनाप शनाप आरोप लगा रहे थे। अपनी हार छिपाने और पाकिस्तान की जनता को बर्गलाने के लिए असीम मुनीर ने अपनी हताशा छिपाते हुए कहा कि "भारत की यह रणनीति ब्लॉक पॉलिटिक्स के जरिये पश्चिमी देशों की सहानुभूति लेने और खुद को क्षेत्रीय सुरक्षा प्रदाता साबित करने की नाकाम कोशिश है।" आपको बता दें कि मई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और पीओके और पाकिस्तान स्थिति 9 आतंकवादी शिविरों पर सटीक हमले किए थे, जिनमें दर्जनों आतंकवादी मारे गये थे और इसके बाद भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच करीब 4 दिनों तक संघर्ष चला था। ये 1971 के बाद पहली बार था जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर हमला किया था। भारत ने लाहौर के रडार सिस्टम को युद्ध के पहले ही दिन तबाह कर दिया था, जिससे पाकिस्तान सेना असहाय हो गई थी।

पाकिस्तानी सेना ने 'तीसरे पक्ष' की भूमिका को नकारा
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR के मुताबिक सम्मेलन में भारत पर पाकिस्तान में होने वाले आतंकवादी हमलों का आरोप लगाया गया है और मारे गये जवानों के लिए फातेहा पढ़ा गया। रिपोर्ट के मुताबिक इस बैठक में फैसला लिया गया है कि "भारत के एजेंटों और आतंकवादी प्रॉक्सी नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।" फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने कहा कि "पहलगाम के बाद की बौखलाहट" में भारत अब नए-नए प्रॉक्सी इस्तेमाल कर रहा है, जिनमें 'फितना अल खवारिज' और 'फितना अल हिंदुस्तान' जैसी शक्तियां शामिल हैं। आपको बता दें कि मई महीने में चले भारत और पाकिस्तान संघर्ष के दौरान भारत ने पाकिस्तान के करीब 11 एयरबेस पर सटीक हमले किए थे। जिनमें रावलपिंडी स्थिति नूर खान एयरबेस था। नूर खान एयरबेस पर भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस मिसाइल दागी थी, जिसे इंटरसेप्ट करने में पाकिस्तान नाकाम रहा था।

आपको बता दें कि तमाम रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि चीन ने पाकिस्तान को भारत के खिलाफ युद्ध के दौरान भारतीय सैन्य ठिकानों को लेकर लाइव फीड पाकिस्तान को दी थी। इसके अलावा भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पहले तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन भेजे थे, जिसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया गया था। हालांकि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के तमाम तुर्की ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। जिससे तुर्की के बायरकतार टीबी-2 ड्रोन का भ्रम भी टूट गया।

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