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CM युवा योजना से बदली तकदीर: 50 हजार युवाओं को मिला हुनर का सहारा

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुशल युवा ही आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत हैं। अगर प्रदेश को विकसित बनाना है, तो यहां के युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षित कर सक्षम बनाना होगा।

मंगलवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय कौशल मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के 75 जिलों से आए युवाओं ने अपनी प्रतिभा और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 15 अभ्यर्थियों को ‘यूथ आइकान’ सम्मान और पांच स्किल रथों को रवाना किया।

युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलाजी और थ्री डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में खुद को साबित कर रहा है। इस दिशा में सरकार ने अब तक 50 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित कर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाया है।

150 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को न्यू-एज टेक्नोलाजी से जोड़ा गया है। इसके अलावा 400 से अधिक सरकारी और 3000 निजी आइटीआइ में युवाओं को कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल रहा है।

निजी आइटीआइ में पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति और अन्य प्रोत्साहन भी मिल रहे हैं। योगी ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने ‘सीएम युवा योजना’ शुरू की है। इसके तहत आइटीआइ, पालिटेक्निक और डिग्रीधारी युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कर्ज दिया जा रहा है। अब तक 50,000 से अधिक युवा इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।

कर्ज का मूलधन युवा लौटाएंगे जबकि ब्याज सरकार वहन करेगी। साथ ही 7.5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है।

नई पहल के तहत अब युवा इंडस्ट्री में प्रोजेक्ट वर्क करेंगे। उन्हें पीएम व सीएम इंटर्नशिप योजना के तहत 5000 रुपये मासिक स्टाइपेंड भी मिलेगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के माध्यम से 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वहीं ‘मुख्यमंत्री विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अंतर्गत एक लाख से ज्यादा पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूलकिट प्रदान की गई है।

आइटीआइ में विदेशी भाषाओं का मिले प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने विदेश में यूपी के कुशल युवाओं के लिए बढ़ते अवसर को देखते हुए सुझाव दिया कि आइटीआइ में जर्मनी, जापानी जैसे विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) से अब छात्र सामान्य शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकते हैं। डुअल डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं की सफलता की कहानियों को प्रेरणादायक बताया और कहा कि यदि युवा सही दिशा में प्रयास करें, तो रोजगार की कोई कमी नहीं है।

सम्मान और साझेदारी का संदेश
कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों को ‘इंडस्ट्री एम्बेसडर’ सम्मान भी दिया गया। साथ ही मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज के साथ नालेज पार्टनर के रूप में एमओयू किया गया। व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, सही से प्रशिक्षण लेने के बाद कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शााही, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, श्रम व सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नु, मुख्य सचिव मनोज सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव डा. हरिओम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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