मध्यप्रदेश

MP में दो सीनियर IAS अफसरों की हटाने की कार्रवाई, सिया चेयरमैन का ऑफिस सील कराना पड़ा भारी

भोपाल
 मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव विदेश दौरे से लौट आए हैं। उनकी अनुपस्थिति में सिया चेयरमैन और दो आईएएस अधिकारियों का विवाद तूल पकड़ा था। कथित तौर पर एक आईएएस अफसर नवनीत मोहन कोठारी ने एमपी एनवायरोमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन का ऑफिस लॉक करवा दिया था। बाद में मामला ऊपर तक पहुंचा तो कुछ घंटे बाद ऑफिस को खुलवाया गया। बुधवार को आईएएस नवनीत मोहन कोठारी को पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव पद से हटा दिया गया है। सिया चेयरमैन का आरोप था कि गलत तरीके से प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। साथ ही आईएएस आर उमा महेश्वरी को भी एप्को के कार्यकारी निदेशक पद से हटाया गया है। कहा जा रहा है कि सिया चेयरमैन की शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई है।

गलत तरीके से प्रोजेक्ट को मंजूरी देने का आरोप

वहीं, सिया चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान ने दोनों अधिकारियों पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि दोनों ने गलत तरीके से 237 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी एमपी सरकार से जवाब मांगा है।

विवाद के बाद सरकार ने उठाया है बड़ा कदम

दरअसल, सिया में लंबे समय से घमासान चल रहा था। आए दिन विवाद की खबरें आते रहती थीं। सरकार ने करीब दो महीने बाद बड़ा कदम उठाया है। अब आईएएस नवनीत मोहन कोठारी राज्यपाल के प्रमुख सचिव होंगे। इसके साथ ही आर उमा महेश्वरी को भी एप्को के कार्यकारी निदेशक और सिया की मेंबर सेक्रेटरी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।

अशोक वर्णवाल बने पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव

वहीं, नवनीत मोहन कोठारी की जगह अब अशोक वर्णवाल पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव होंगे। उन्हें एप्को के महानिदेशक पद की भी अतिरिक्त जिम्मेवारी सौंपी गई है। दीपक आर्य को एप्को का कार्यकारी निदेशक बनाया गया है। सिया के मेंबर सेक्रेटरी का अतिरिक्त प्रभार मिला है।

खनन माफिया से है मिलीभगत

इसके साथ ही सिया चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान ने दोनों अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि इनकी मिली भगत खनन माफियाओं से है। यह भी कहा था कि इन लोगों ने सिया की बैठकें नहीं होने दी। 237 प्रोजेक्ट्स की मंजूरी गलत तरीके से दी है।

यहां से विवाद पकड़ा तूल

गौरतलब है कि कोठारी और महेश्वरी के खिलाफ केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय में भी शिकायत की गई थी। मंत्रालय ने 27 जून को इस मामले पर ध्यान दिया। डीओपीटी की विजलेंस शाखा को जांच सौंपी गई। इस शिकायत के बाद कोठारी के निर्देश पर सिया चेयरमैन के ऑफिस में ताला लगा दिया गया था। जब मुख्यमंत्री मोहन यादव स्पेन दौरे पर थे, तब यह मामला उन तक पहुंचा। इसके बाद सीएम कार्यालय के एसीएस नीरज मंडलोई के कहने पर सिया चेयरमैन का ऑफिस खोला गया।

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com