विदेश

चीन में बाढ़ पहले लाई खौफ और फिर छीन लिया कई की रोजी-रोटी का साधन

मध्य चीन के हेनान प्रांत के बीचों-बीच स्थित 60 लाख आबादी वाले शिन्जियांग ने बाढ़ (China Flood) का ऐसा कहर अब से पहले कभी नहीं देखा था. पिछले हफ्ते हुई मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) में बांध टूट गए, पुल ढह गए और प्रांत का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया.

प्रांतीय राजधानी झेंगझोउ में, साल भर की बारिश महज तीन दिनों में हुई. अधिकारियों ने मृतक संख्या तेजी से बढ़कर 99 होने की गुरुवार को घोषणा की थी.

झेंगझोऊ में जम कर बरसने के बाद बादलों ने शिन्जियांग का रुख कर लिया था. झेंगझोऊ में लोग अपनी कारों और सबवे ट्रेनों में डूब गए थे. 21 जुलाई को शहर में रातभर अत्यधिक भारी बारिश हुई, जिससे सड़कें नदियों में बदल गई थी और शहर द्वीपों में.

अधिकारियों ने बाढ़ और बारिश में कुल आर्थिक नुकसान 14 अरब डॉलर का होने का अनुमान व्यक्त किया है, जो प्रांत की मुख्यत: कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जबर्दस्त झटका है.

कुछ लोग 1963 में आए इसी तरह के प्रलय को याद करते हैं. हालांकि, उस वक्त की बारिश इस बार जितनी बुरी नहीं थी. उस वक्त अभी की तरह बचाव टीमें भी नहीं हुआ करती थी. इस बार जिंदगियों का नुकसान कम हुआ है, क्योंकि अब लोग मिट्टी के घरों की बजाय ठोस कंक्रीट के घरों में रहते हैं.

शिन्जियांग में अब तक किसी के मौत की खबर नहीं है, लेकिन कई आस-पास के गांव अब भी जलमग्न हैं. राहत कार्य जारी हैं. पंपों से मटमैला बाढ़ का पानी बाहर फेंका जा रहा है, जबकि बुलडोजर निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को अपने फावड़ों के पंजों में फंसाकर सुरक्षित स्थानों पर ला रहे हैं.

भले ही बचाव के प्रयासों को व्यापक प्रशंसा मिली है, लेकिन सरकार की तूफान संबंधी तैयारियों के बारे में और लोगों को मुश्किल हालातों के लिए क्यों छोड़ा गया, इस पर सवाल उठ रहे हैं.

अधिकारियों ने बाढ़ पर रिपोर्टिंग को बहुत सावधानी से नियंत्रित किया. नियंत्रकों ने चीनी मीडिया से कुछ महत्वपूर्ण खबरों को तेजी से हटा दिया, जबकि एक शातिर सोशल मीडिया अभियान ने विदेशी पत्रकारों को निशाना बनाया.

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