देश

भारत बनेगा शांति का मंच? पुतिन-जेलेंस्की की मुलाकात कराने की तैयारी में मोदी

नई दिल्ली

रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिका के द्वारा हाल ही में भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर कार्रवाई की गई। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि भारत रूस से लगातार तेल खरीद रहा है इसके कारण यह युद्ध अनवरत जारी है। इन तमाम आरोप प्रत्यारोपों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की खबरें सामने आई। वहीं, अब भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की भारत यात्रा की बात कही है।

इसके अलावा, यूक्रेन ने एक बार फिर रूस के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में भारत की अधिक सक्रिय भूमिका की अपील की है। भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने शनिवार को एएनआई से बात करते हुए कहा कि रूस के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए यूक्रेन भारत को संभावित शांति वार्ताओं में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देखता है।

भारत-यूक्रेन के बीच बढ़ी बातचीत
पोलिशचुक ने यूक्रेन के राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर बोलते हुए कहा कि 2023 से यूक्रेन और भारत के बीच बातचीत में वृद्धि हुई है, जिसका उन्होंने स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान की भी सराहना की कि भारत युद्ध में तटस्थ नहीं है, बल्कि दृढ़ता से शांति, कूटनीति और राजनीतिक संवाद का समर्थन करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र में दोनों देशों के बीच यह बातचीत जारी रहेगी।

जेलेंस्की जल्द आएंगे भारत
जेलेंस्की की भारत यात्रा के बारे में पूछे जाने वाले पर राजदूत ने कहा, 'दोनों देश यात्रा की तारीख और वार्ता के विषय को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जल्द ही इसका ऐलान कर दिया जाएगा।'

भारत-यूक्रेन के पुराने संबंध
यूक्रेनी राजदूत ने 'द वीक' में एक लेख लिखकर भारत-यूक्रेन संबंधों के बारे में चर्चा की है। उन्होंने लिखा, ''यूक्रेन के तीन राष्ट्रपतियों ने भारत का आधिकारिक दौरा किया, जबकि भारत के दो राष्ट्रपतियों ने यूक्रेन का दौरा किया। 2021 तक यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से पहले द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3.4 अरब तक पहुंच गया था।''

भारत यात्रा के दौरान क्या होगी बात
उन्होंने कहा, ''एक लंबे विराम के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री के बीच पहली बैठक नवंबर 2021 में ग्लासगो में जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। मई 2023 से ऐसी बैठकें और टेलीफोन वार्ता नियमित हो गई हैं। 23 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय खोला। इसने रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दोनों लोकतंत्रों के नेताओं की आकांक्षा की पुष्टि की। आज, दोनों देशों के विदेश मंत्रालय और राजनयिक मिशन इस साझा उद्देश्य को लागू करने के लिए लगन से काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की की भारत की आगामी यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी के लिए एक रोडमैप पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।''

राजदूत ने एएनआई से बातचीत में आगे कहा, “हम यूक्रेन में शांति-निर्माण प्रक्रिया में भारत की अधिक भागीदारी की उम्मीद करते हैं। मेरा मानना है कि हमारी सभी बैठकें इस बात पर चर्चा का हिस्सा होंगी कि भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस के साथ राजनीतिक बातचीत में कैसे शामिल हो सकता है। विशेष रूप से रूस और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को ध्यान में रखते हुए हमें इसकी उम्मीद है।”

Tags

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड