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मेरठ-नोएडा समेत यूपी के 8 जिलों में पटाखों पर सख्त बैन, उल्लंघन पर जेल और भारी जुर्माना

लखनऊ 
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए पटाखों पर बैन लगाया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 8 जिलों में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

कौन-कौन से जिले शामिल हैं?
– मेरठ
– गाजियाबाद
– गौतमबुद्धनगर
– बुलंदशहर
– हापुड़
– बागपत
– शामली
– मुजफ्फरनगर

इन जिलों में पटाखों का उत्पादन, स्टोर करना, बेचना (ऑनलाइन बिक्री भी शामिल है) और जलाना पूरी तरह से मना है।

किस कारण लगाया गया यह प्रतिबंध?
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक हो गया है। हवा में जहरीली गैसें बढ़ने से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके।

जुर्माना और जेल की सजा
यदि कोई व्यक्ति या दुकान पटाखों के इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता है, तो उस पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जुर्माने की राशि 1 लाख रुपए तक हो सकती है। 5 साल तक की जेल भी हो सकती है। अगर कोई दोबारा नियम तोड़ता है, तो उसे अतिरिक्त 5,000 रुपए जुर्माना देना होगा। इस तरह की सख्ती से लोग पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री से बचेंगे, जिससे वायु प्रदूषण कम होगा।
 
शिकायत कैसे करें?
अगर आप किसी को पटाखे बेचते या जलाते देखेंगे, तो तुरंत इसकी शिकायत कर सकते हैं। शिकायत करने के कई आसान तरीके हैं। आप यूपी पुलिस की हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। एसएमएस या व्हाट्सएप पर नंबर 7570000100 या 7233000100 पर शिकायत भेजें। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट uppcb.up.gov.in पर जाकर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

सरकार और सुप्रीम कोर्ट का संदेश
सरकार और सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हम सबको मिलकर पर्यावरण की रक्षा करनी होगी। पटाखों का धुआं और धूल हमारे और हमारे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसलिए पटाखों का इस्तेमाल ना करें और दूसरों को भी समझाएं।

 

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