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कॉमेडियन का दर्दनाक बचपन: पिता की मारपीट से मां की आत्महत्या ने तोड़ दिया था मन

मुंबई

आज हम आपको एक ऐसे कॉमेडियन के बारे में बता रहे हैं जिसका बचपन काफी दर्दनाक रहा है। 13 साल की उम्र में इस कॉमेडियन के सिर से उसकी मां का साया उठ गया था। ये कॉमेडियन बिग बॉस का विनर भी रह चुका है। क्या आप पहचान पाए इस विनर का नाम? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं। ये कॉमेडियन कोई और नहीं मुनव्वर फारूकी हैं। मुनव्वर फारूकी ने एक पुराने रियलिटी शो में बताया था कि उनकी मां ने एसिड पी लिया और उनकी मृत्यु हो गई थी। अब एक पॉडकास्ट में उन पलों को याद करके मुनव्वर फारूकी बहुत ज्यादा इमोशनल हो गए।

मां को याद कर इमोशनल हुए मुनव्वर फारूकी
प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट में मुनव्वर ने अपने बचपन के दिनों को याद किया। उन्होंने वो दर्दनाक कहानी सुनाई जब उनकी मां ने एसिड पी लिया था। मुनव्वर ने बताया कि उनके पिता उनकी मां को मारते थे। 22 साल तक उनकी मां ने उनके पिता के जुल्मों का सामना किया। मुनव्वर ने कहा कि जितना दर्द उनकी मां ने झेला वो कोई नहीं झेल सकता है। मुनव्वर ने कहा कि वो अपनी मां की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि शायद उनका जाना ऐसे ही लिखा था।

13 साल की उम्र में उठा मां का साया
मां की सुसाइड के बारे में बात करते हुए मुनव्वर ने कहा, “वो 13 साल के थे, और मुझे सुबह किसी ने उठाया और बताया कि मां को अस्पताल ले गए हैं। जब मैं अस्पताल पहुंता, मुझे पता चला कि मेरे परिवार के लोगों ने किसी को नहीं बताया था कि उन्होंने एसिड पी लिया है। मुझे भी लोग कह रहे थे कि किसी को मत बताना क्योंकि मेरे पिता के लिए समस्या हो सकती है। मुझे समझ नहीं आ रहा था। मैं एक नर्स के पास क्या, वो नर्स जान-पहचान की थीं, मेरी मां की तरफ से। मैंने उन्हें बताया कि ये हुआ है। इसके बाद मेरी मां को तुरंत इमरजेंसी में शिफ्ट किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।”

दो साल बाद पिता को लकवा मार गया
मां के बारे में बात करते हुए मुनव्वर बहुत ज्यादा इमोशनल हो गए। मुनव्वर से पूछा गया कि क्या मां की मौत के बाद वो किसी से नाराज थे। मुनव्वर ने कहा कि वो अपने पिता और उनके पूरे परिवार से नाराज थे। मुनव्वर ने बताया कि मां के निधन के दो साल बात उनके पिता को लकवा मार गया था और उनका 80 प्रतिशत शरीर काम नहीं कर रहा था। मैं उन्हें विलेन मानता था, लेकिन फिर भी वो मेरे पिता थे। आप खुद को बताने लगते हो कि इस इंसान ने कुछ गलत किया है, लेकिन उसके लिए इनके साथ भी कुछ हो गया है, उन्हें भुगतना पड़ रहा है। इस इंसान से मैं क्या नफरत करूं। आपको लगता है कि आपके सिवा इनका कोई भी नहीं है।" मुनव्वर ने कहा कि उस परिस्थिति ने उन्हें लोगों को माफ करना सिखा दिया।

 

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