विदेश

डोनाल्ड ट्रंप के नारे का ग्रीनलैंड में बना मजाक, टोपियां लगाकर तंज कस रहे लोग

कोपेनहेगन.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड से जुड़े बयानों और दावों पर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। ग्रीनलैंड और डेनमार्क में लोग ट्रंप के प्रसिद्ध MAGA नारे का मजाक उड़ाते हुए लाल रंग की बेसबॉल टोपियां पहन रहे हैं, जिन पर लिखा है। इन टोपियों पर लिखा है- अमेरिका यहां से चले जाओ। यह टोपियां अब विरोध का प्रमुख प्रतीक बन गई हैं, खासकर पिछले कुछ दिनों में कई बड़े प्रदर्शनों हुए हैं।

क्या है पूरा मामला?
डोनाल्ड ट्रंप का प्रसिद्ध चुनावी नारा 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) पूरी दुनिया में मशहूर है, जिसे वे अपनी लाल टोपी पर लिखकर पहनते हैं। ग्रीनलैंड के प्रदर्शनकारियों ने इसी स्टाइल को कॉपी करते हुए ट्रंप पर तंज कसा है। वहां के लोग अब वैसी ही लाल टोपियां पहन रहे हैं, लेकिन उन पर 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की जगह 'मेक अमेरिका गो अवे' लिखा हुआ है। हिंदी में इसका अर्थ है- अमेरिका यहां से दूर रहे या अमेरिका वापस जाओ। कुछ टोपियों में ग्रीनलैंड की राजधानी Nuuk पर खेलते हुए लिखा है- Nu det NUUK, जिसका मतलब- अब बहुत हो गया। इन पर ग्रीनलैंड का झंडा भी छपा होता है।

टोपियों का स्टॉक खत्म हो गया
ये टोपियां कोपेनहेगन के एक विंटेज कपड़ों की दुकान के मालिक जेस्पर राबे टोननेसेन ने बनाईं। पिछले साल ये ज्यादा नहीं चलीं, लेकिन ट्रंप की हालिया धमकियों के बाद इनकी मांग इतनी बढ़ गई कि स्टॉक खत्म हो गया और दुकान को सैकड़ों नई छपवानी पड़ीं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि ये टोपियां अब चैरिटी के लिए बेची जा रही हैं, और अमेरिका से ही सबसे ज्यादा खरीदारी हो रही है।

कोपेनहेगन निवासी एक प्रदर्शनकारी लार्स हरमनसेन ने कहा- मैं ग्रीनलैंड का समर्थन करना चाहता हूं और दिखाना चाहता हूं कि मुझे अमेरिका के राष्ट्रपति पसंद नहीं। ये टोपियां सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। X पर कई पोस्ट में लोग इसे ट्रंप के खिलाफ मजाकिया लेकिन तीखा तंज बता रहे हैं। ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोग साफ कह रहे हैं- हम अमेरिकी नहीं हैं और कभी नहीं होंगे।

विरोध का कारण
यह विरोध तब तेज हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दोबारा संकेत दिया कि वे दुनिया के सबसे बड़े द्वीप 'ग्रीनलैंड' को खरीदने में रुचि रखते हैं। ग्रीनलैंड डेनमार्क देश का एक स्वायत्त क्षेत्र है। साल 2019 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने का विचार रखा था, जिसे डेनमार्क की सरकार ने बेतुका बताकर खारिज कर दिया था। उस समय ट्रंप ने इसे एक बड़े रियल एस्टेट सौदे की तरह बताया था।

अमेरिका ग्रीनलैंड में इसलिए दिलचस्पी रखता है क्योंकि यह आर्कटिक क्षेत्र में है और यहां दुर्लभ खनिज का भंडार है, जो चीन के प्रभुत्व को कम करने के लिए अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण हैं।

टोपियों के जरिए दिया कड़ा संदेश
ग्रीनलैंड के लोगों का कहना है कि उनका देश कोई बिकाऊ जमीन का टुकड़ा नहीं है। वे अपनी स्वायत्तता और पहचान के साथ खुश हैं। इन लाल टोपियों के जरिए वे ट्रंप को यह संदेश दे रहे हैं कि उनकी डॉलर की ताकत यहां नहीं चलेगी।

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com