विदेश

एपस्टीन फाइल्स में पुतिन का नाम! 1005 बार जिक्र, क्या रूसी राष्ट्रपति से हुई थी मुलाकात?

वाशिंगटन
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में जारी जेफ्री एपस्टीन की फाइलों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। इन लाखों पन्नों के दस्तावेजों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम कम से कम 1005 बार आया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश उल्लेख न्यूज क्लिपिंग्स या रिपोर्ट्स से जुड़े हैं जो एपस्टीन को भेजी जाती थीं, लेकिन कुछ ईमेल्स में एपस्टीन की पुतिन से मुलाकात कराने की बार-बार कोशिशों का जिक्र है। हालांकि, इन फाइलों में कहीं भी यह साबित नहीं होता कि दोनों की कभी वास्तविक मुलाकात हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, एपस्टीन ने रूसी अधिकारियों, पूर्व राजदूतों और यहां तक कि FSB से जुड़े लोगों से संपर्क बनाने की कोशिश की थी। इस खुलासे के बाद हनीट्रैप और जासूसी की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इसे रूसी खुफिया एजेंसियों से जुड़ा बड़ा घोटाला बताते हुए जांच शुरू करने की घोषणा की है, जबकि क्रेमलिन ने इन दावों को बकवास करार देते हुए खारिज कर दिया है।

रूसी राजदूत से मिलता था एपस्टीन
जारी दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन न्यूयॉर्क में रूस के पूर्व राजदूत विटाली चर्किन से नियमित रूप से मिलता रहता था। एपस्टीन ने चर्किन के बेटे मैक्सिम को न्यूयॉर्क की एक प्रमुख वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी दिलाने का ऑफर भी दिया था। वर्ष 2017 में चर्किन की अचानक मौत के बाद एपस्टीन ने रूस से संपर्क बनाए रखने के लिए नए रास्ते तलाशने शुरू कर दिए। जून 2018 में एपस्टीन ने नॉर्वे के राजनेता थोरबजर्न जागलैंड (जो उस समय काउंसिल ऑफ यूरोप के सेक्रेटरी जनरल थे) को ईमेल किया। इस ईमेल में उसने लिखा कि जागलैंड को पुतिन से सुझाव देना चाहिए कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मुझसे बात करके जानकारी ले सकते हैं। एपस्टीन ने लिखा था कि चर्किन बहुत अच्छे थे, उन्होंने मेरी बातों के बाद ट्रंप को समझ लिया था। जागलैंड ने जवाब में कहा था कि वह लावरोव के असिस्टेंट से मिलकर यह बात पहुंचा देंगे।

रूसी जासूसी और निवेश का कनेक्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन के संबंध सर्गेई बेल्याकोव जैसे अधिकारियों से भी थे, जिनके लिंक रूस की खुफिया एजेंसी (FSB) से बताए जाते हैं। वह सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में भी शामिल हुआ था और रूसी अधिकारियों को पश्चिमी निवेश लाने की सलाह देता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, एपस्टीन ने 2019 तक रूस के वीजा के लिए भी कोशिशें की थीं। हालांकि, इन दस्तावेजों में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि एपस्टीन की पुतिन से कभी मुलाकात हुई थी।

पोलैंड के प्रधानमंत्री ने दिए जांच के आदेश
इस खुलासे के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि उनका देश एपस्टीन के रूसी खुफिया एजेंसियों से संभावित संबंधों की जांच शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रेस में मिल रहे बढ़ते सुराग, जानकारी और टिप्पणियां इस संदेह की ओर इशारा करती हैं कि बाल यौन शोषण का यह अभूतपूर्व घोटाला रूसी खुफिया सेवाओं द्वारा सह-आयोजित किया गया था।

इस पर क्या बोला रूस?
दूसरी ओर, रूस की सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि एपस्टीन और रूसी जासूसी के दावों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस सिद्धांत को किसी भी तरह से लिया जा सकता है, लेकिन गंभीरता से नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसे सिद्धांतों पर बहुत सारे चुटकुले बनाने का मन कर रहा है, लेकिन अपना समय बर्बाद न करें।

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com