देश

6th जनरेशन के फाइटर प्लेन: 5वीं पीढ़ी से कितने होंगे ज्यादा एडवांस?

नई दिल्ली

दूसरे विश्व युद्ध के प्रोपेलर वाले एयरक्राफ्ट से लेकर आज के स्टील्थ फाइटर जेट तक पिछले 8 दशकों में हवाई युद्ध में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है. फाइटर जेट्स की पांचवीं पीढ़ी जो रडार से बचने वाले, सेंसर से लैस एयरक्राफ्ट हैं, पहले ही उन सीमाओं को पार कर चुके हैं जिन्हें कभी मुमकिन माना जाता था. लेकिन अब दुनिया की बड़ी ताकतें छठी पीढ़ी के फाइटर जेट पर तेजी से कम कर रही हैं. हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने भी अमेरिका के नए F-47 को दुनिया का सबसे विनाशकारी एयरक्राफ्ट बताया था. आपको बता दें कि यह एयरक्राफ्ट भी छठी पीढ़ी का ही है. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर कैसे होंगे छठी जनरेशन के फाइटर प्लेन.

पांचवीं पीढ़ी से छलांग

F-35 और F-22 जैसी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स ने स्टील्थ, सेंसर फ्यूजन और एडवांस्ड एविएशन को पेश किए हैं. अब नई पीढ़ी के एयरक्राफ्ट से इससे कहीं आगे जाने की उम्मीद की जा रही है. यह कोई सिंपल अपग्रेड नहीं होगा बल्कि एक क्वांटम छलांग होगी.

बिना पायलट और ऑप्शनल पायलट वाला कॉम्बैट 

छठी पीढ़ी के जेट्स की सबसे खास विशेषता यह है कि इसमें ऑप्शनल मैनिंग होगी. इन एयरक्राफ्ट को पायलट उड़ा सकता है, रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है, या पूरी तरह से बिना पायलट के ऑपरेट किया जा सकता है. वे ऑटोनॉमस सपोर्ट ड्रोन के झुंड को भी कमांड करेंगे. इन्हें अक्सर लॉयल विंगमैन सिस्टम कहा जाता है. यह मुख्य फाइटर के साथ टोही, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध या हमले के मिशन कर सकते हैं.

कोर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 

छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम पायलटों की मदद करेंगे, युद्ध के मैदान के भारी मात्रा में डाटा का रियल टाइम में एनालिसिस करेंगे, रडार जैमिंग को मैनेज करेंगे, खतरों को भी प्रायोरिटी पर रखेंगे और यहां तक की तेज गति वाली लड़ाई के दौरान  टैक्टिकल फैसलों की भी सलाह देंगे. 

नेक्स्ट लेवल स्टील्थ और रेडिकल डिजाइन

स्टील्थ टेक्नोलॉजी में काफी सुधार किया जाएगा. छठी पीढ़ी के एयरक्राफ्ट को रडार, इंफ्रारेड और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम में पता लगाना और भी मुश्किल होने की उम्मीद है. कुछ डिजाइन पारंपरिक वर्टिकल स्टेबलाइजर को पूरी तरह से हटा सकते हैं. इससे ड्रैग और रडार रिफ्लेक्शन कम होगा और एफिशिएंसी और सर्वाइवल में काफी ज्यादा सुधार होगा. 

लेजर और डायरेक्टेड एनर्जी हथियार 

पांचवीं पीढ़ी के जेट्स मुख्य रूप से मिसाइल पर निर्भर करते हैं. लेकिन छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स डायरेक्टेड एनर्जी हथियार ले जाएंगे. इसमें हाई एनर्जी लेजर और माइक्रोवेव सिस्टम शामिल हैं. यह हथियार लाइट की स्पीड से टारगेट को निशाना बना सकते हैं.

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड