देश

भारत में बने राफेल बेचने की योजना, जानें डील की शर्तें

बेंगलुरु 

भारत में राफेल बनाने की तैयारी तेज हो गई है. फ्रांस के राष्ट्रपति के दौरे के बाद डील को आगे बढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है. सवाल अब यह उठ रहा है कि अगर राफेल भारत में बनेंगे, तो क्या सरकार इन्हें दूसरे देशों को बेच भी सकेगी? या ये विमान सिर्फ भारतीय वायुसेना के लिए ही होंगे? डील की शर्तें क्या कहती हैं चलिए समझते हैं.

राफेल डील में आई तेजी

इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के बाद राफेल डील को लेकर हलचल तेज हुई है. रक्षा मंत्रालय जल्द ही प्रस्ताव को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के पास भेजने की तैयारी में है. ऐसे में उम्मीद है कि अगले 4 से 6 महीने में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, रक्षा खरीद प्रक्रिया की टाइमलाइन छोटी करने की कोशिश की जा रही है ताकि लड़ाकू विमान और अन्य हथियार जल्द मिल सकें. अभी विदेशी हथियार खरीदने की प्रक्रिया लंबी और जटिल मानी जाती है. 

114 राफेल को भारत में बनाने की मंजूरी

मैक्रों के दौरे से पहले रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल विमान देश में बनाने की मंजूरी दी थी. राफेल विमान फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन बनाती है. प्रस्ताव है कि दासो किसी भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी कर भारत में उत्पादन प्लांट स्थापित करे. इससे तकनीक हस्तांतरण, स्थानीय रोजगार और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा. 

क्या भारत इन राफेल को बेच सकेगा?

यहीं सबसे अहम सवाल आता है. साफ तौर पर कहा गया है कि ये 114 राफेल भारतीय वायुसेना की जरूरतों के लिए बनाए जा रहे हैं. यानी इनका उद्देश्य निर्यात नहीं, बल्कि देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना है. डील की शर्तों के मुताबिक, विमान का उत्पादन लाइसेंस और तकनीकी समझौते के तहत होगा. ऐसे में बिना फ्रांसीसी कंपनी और सरकार की अनुमति के भारत इन विमानों को तीसरे देश को नहीं बेच सकता है. 

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भविष्य में निर्यात का विकल्प खुलता भी है, तो वह अलग समझौते और संयुक्त अनुमति के तहत ही संभव होगा. 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com