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मध्यप्रदेश

रतलाम के शीतलतीर्थ कैलाश पर्वत पर सजेगा भव्य महामस्तकाभिषेक, आदिनाथ भगवान की होगी विशेष पूजा

रतलाम
शहर के शीतलतीर्थ में कैलाश पर्वत पर 18 फीट पद्मासन आदिनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक पंचकल्याण का द्वितीय वार्षिकोत्सव 1 मार्च को होने जा रहा हैं। इसमें शामिल होने के लिए सम्पूर्ण भारत से आने वाले गुरु भक्तों के लिए कलश आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं। इस आयोजन के लिए 28 फरवरी को श्रुत संवेगी मुनि आदित्य सागर का ससंघ मंगल प्रवेश होगा।

आचार्य योगेंद्र सागर का अवतरण दिवस सैलाना रोड स्थित शीतल तीर्थ धामनोद में गुरु भक्तों ने मनाया। धामनोद के शीतल तीर्थ में आयोजित विनयांजलि सभा में क्षेत्र अधिष्ठात्री डॉ. सविता जैन दीदी ने सभी आगंतुकों का अभिवादन करते हुए कहा कि गुरुदेव आज प्रत्यक्ष हमारे बीच नहीं है, गुरुभक्तों की श्रद्धा में आज भी गुरुदेव बसे हुए है और यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष गुरुदेव के अवतरण दिवस पर बिना किसी निमंत्रण के गुरुभक्तों का समूह शीतल तीर्थ पर एकत्रित होता है। सही मायने में तो यह अमृत महोत्सव योगी परिवार का शाश्वत पर्व बन गया है।

वृद्धों की सेवा-300 गोवंश की सार संभाल होती
विख्यात गणितज्ञ जैन मनीषी डॉ. अनुपम जैन इंदौर ने बताया कि समाधिस्थ आचार्य चतुर्थ पट्टाधीश योगीन्द्र सागर गुरुदेव की प्रेरणा से रतलाम के धामनोद में सन् 2009 में शीतल तीर्थ की नींव रखी गई। तभी से गुरुभक्तों का जुड़ाव इस क्षेत्र से हो गया, आज यहां त्यागी वृत्तियों एवं वृद्धों की सेवा के साथ लगभग 300 की संख्या में गोवंश की सार संभाल की जाती है । आज भी इस क्षेत्र पर अतिशय होते हैं। डॉ. भरत जैन ने भी गुरुदेव के निर्भीक व्यक्तित्व के संस्मरण बताए। गुरुदेव का अवतरण दिवस 17 फरवरी को बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है । इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में क्षुल्लिका 105 चंद्रमति माता धार एवं स्वस्ति भट्टारक अरिहंत कीर्ति का भी मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ।

गुरु प्रतिमा पर जल एवं दुग्ध से अभिषेक
तीर्थ प्रवक्ता राकेश पोरवाल ने बताया कि प्रात: काल श्रीक्षेत्र पर कोटा के आदिश महिला दिव्य घोष द्वारा भट्टारक स्वामी की मंगल आगवानी की गई । गुरु मंदिर में अतिशय कारी चैत्यालय का पंचामृत अभिषेक एवं गुरु प्रतिमा पर जल एवं दुग्ध से अभिषेक हुआ, जिसके बाद ऋषि मंडल विधान आयोजित हुआ। विनयांजलि सभा में मुख्य अतिथि रतलाम भाजपा अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि आचार्य योगीन्द्रसागर महाराज सिर्फ जैन समाज ही नहीं अपितु सर्वधर्म के अनुयायियों में लोकप्रिय संत थे।। नेशनल नॉन वायलेंस यूनिटी फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेन्द्र गुड़वाले (कोटा) द्वारा सभी आगंतुकों का आभार माना। इस अवसर पर भक्तों द्वारा तीर्थ अधिष्ठात्री डॉ. सविता जैन दीदी का सम्मान पत्र भेंट कर सम्मान किया गया। संचालन राकेश जैन ने किया।

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