छत्तीसगढ़

रायपुर में साल की पहली नेशनल लोक अदालत: आपराधिक और चेक बाउंस समेत कई मामलों का त्वरित निराकरण

रायपुर.

रायपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत लगी. इस अदालत में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से बड़ी संख्या में लोग अपने विवादों के समाधान के लिए पहुंचे. आपराधिक, चेक बाउंस, पारिवारिक, बैंक रिकवरी, विद्युत, राजस्व और यातायात जैसे राजीनामा योग्य लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति से त्वरित निस्तारण किया गया.

159 प्रकरण मामलों पर आपसी राजीनामा के लिए सुनवाई की गई, जिसमें से कुल 57 प्रकरणों का निराकरण हआ. इन मामलों में कुल 2 करोड़ 46 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश बलराम प्रसाद वर्मा ने जानकारी दी कि राजीनामा से संबंधित मामले यहां रखे हुए थे. 12 लाख के करीब राजस्व के मामले हैं. नगर पालिका के करीब 2.5 लाख मामले हैं. कोर्ट के करीब 24 हजार से ज्यादा केस पेंडिंग है. यातायात से जुड़े मामले में सेटलमेंट के लिए है. उन्होने कहा कि 90 दिनों के अंदर, जिन्होंने चलान नहीं पटाया है. उन मामलों को भी नेशनल लोक अदालत में रखा गया है. इन सभी मामलों का आज निराकरण हो रहा है. ट्रैफिक से जुड़े मामले में मिनिमम दर के हिसाब चलान कर रहे हैं.

मोहल्ला अदालत का आयोजन
बलराम प्रसाद वर्मा ने कहा कि मोहल्ला अदालत का आयोजन भी किया गया है. इसमें अधिकारी मोहल्ले में बैठे हुए हैं. जिनकी बिजली, सड़क और पानी की जुड़ी समस्या है. वह अपनी समस्या बता सकतें है. तत्काल उनकी समस्या का निराकरण हो रहा है.

क्या है लोक अदालत के लाभ ?
आपको बता दें कि लोक अदालत में विभिन्न मामलों के निपटारे से जल्द न्याय मिलता हैं. लोक अदालत में निपटारा प्रकारणों में दोनों पक्षों की जीत होती है. आपसी राजीनामा के कारण मामलों की अपील नहीं होती. दीवानी प्रकरणों के परिणाम तुरंत मिलता है. दावा प्रकरणों में बीमा कंपनी राजीनामा मामलों में तुरंत एवार्ड राशि जमा करती है. लोक अदालत में राजीनामा करने से बार-बार अदालतों में आने से रुपयों, समय की बर्बादी और अकारण परेशानी से बचा जा सकता है. लोक अदालत में राजीनामा करने से दीवानी प्रकरणों में कोर्ट फीस पक्षकारों को वापस मिल जाती है, किसी पक्ष को सजा नहीं होती. मामले को बातचीत कर हल कर लिया जाता है. सभी को आसानी से न्याय मिल जाता है. फैसला अन्तिम होता है. फैसला के विरूद्ध कहीं अपील नहीं होती है.

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com