नई दिल्ली
बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के आगे विपक्षी की सारी कोशिश बेकार साबित हुईं. बीजेपी ने ऐसी रणनीति बनाई कि बिहार में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव का असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ हाथ मिलान भी काम नहीं आ सका तो ओडिशा में कांग्रेस और बीजेडी की जोड़ी भी कोई कमाल नहीं कर सकी।
तीन राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों में से एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि विपक्ष को सिर्फ दो राज्यसभा सीटें ही मिल सकी है. बीजेपी ने 5 सीटें जीती हैं और उसके सहयोगियों को 4 सीट मिली है. कांग्रेस और बीजेडी एक-एक राज्यसभा सीटें जीत सकती है. राज्यसभा के ये नतीजे सोमवार को हुए चुनाव के है, लेकिन फाइनल आंकड़ा अलग है।
देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिसमें सात राज्यों के 26 राज्यसभा सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित चुन लिए गए थे. तीन राज्यों की 11 सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए और उसके बाद नतीजे आए हैं. इस तरह से 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 22 सीटें जीती हैं तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं हैं।
37 राज्यसभा सीटों का फाइनल नतीजा
अप्रैल-2026 में खाली होने वाली 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो गए हैं और अब फाइनल नतीजे भी आ गए. 37 राज्यसभा सीटों में 26 सीटें पर पहले ही निर्विरोध सदस्यों का चुन लिया गया था, जिसमें एनडीए और विपक्ष को 13-13 सीटें मिली थी. अब सोमवार को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए, जिसमें एनडीए 9 और विपक्ष दो सीटें जीती है. इस तरह से चुनाव का फाइनल स्कोर देखें तो एनडीए को 22 सीटें मिली है जबकि विपक्ष के हिस्सा में 15 सीट ही आ सकी हैं।
राज्यसभा चुनाव में एनडीए को मिली 22 सीटों में देखें तो 13 सीटें बीजेपी ने जीती हैं जबकि 9 सीटें उसके सहयोगी ने जीती हैं. जेडीयू ने 2, शिंद की शिवसेना एक, अजित पवार की एनसीपी एक, पीएमके एक, AIADMK एक, यूपीपीएल एक, आरएलएसएम एक और एक सीट पर बीजेपी के समर्पित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती है।
वहीं, विपक्ष को मिली 15 राज्यशभा सीटों के पार्टी के लिहाज से देखें तो कांग्रेस को 6 सीटें टीएमसी को 4 सीटें, डीएमके को 3 सीटें, शरद पवार की एनसीपी को एक सीटें और एक सीट बीजेडी को मिली है।
राज्यसभा में किसे नफा और किसे नुकसान
राज्यसभा चुनाव पहले और नतीजे आने के बाद देखते हैं तो एनडीए को 10 सीटों का फायदा हुआ और विपक्ष को 10 सीटों का नुकसान. चुनाव से पहले एनडीए के पास 12 राज्यसभा सीटें थी, लेकिन अब बढ़कर 22 हो गई हैं जबकि विपक्ष के पास 25 राज्यसभा सीटें थी, जो अब घटकर के 15 रह गई हैं।
देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के आंकड़े देखें तो बीजेपी के पास 9 सीटें थी, जो अब बढ़कर 13 हो गई हैं. जेडीयू ने अपनी दोनो सीटों को बरकरार रखा है. इसके अलावा AIADMK, ने अपनी एक सीट, पीएमके ने भी अपनी एक सीट तो आरएलएसएम ने अपनी-अपनी एक-एक सीट को बचाए रखा है।
वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बात करें तो 18 राज्यसभा सीटें उसके कब्जे में थी, जिसमें से 4 सीटें कांग्रेस के पास थी, जो बढ़कर अब 6 हो गई हैं. इस तरह कांग्रेस को दो सीटों का फायदा मिला है. टीएमसी ने अपनी 4 सीटें बरकार रखी हैं. डीएमके 4 सीटों से घटकर 3 पर रह गई है।
आरजेडी के पास 2 सीटें थी, जो अब घटकर जीरो हो गई है. एक सीट शिवसेना (यूबीटी) और एक सीट सीपीआईएम के पास थी, लेकिन उन्हें एक सीट भी नहीं मिली. इसके चार सीटें अन्य दलों के पास थी, जिसमें दो सीटें बीजेडी के पास थी, जिसमें से एक सीट ही उसे मिल सकी. बीआरएस ने अपनी एकलौती सीट भी गंवा दी।
राज्यवार राज्यसभा चुनाव के नतीजे क्या रहे?
महाराष्ट्र से 7 राज्यसभा सीटों में बीजेपी को चार, एनसीपी और शिवसेना को एक-एक सीट मिली है. इसके अलावा एक सीट पर विपक्ष से शरद पवार चुने गए हैं. बीजेपी को दो सीट का फायदा तो कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी को एक सीट का घाटा हुआ. अजित पवार और शिंदे को एक-एक सीट का लाभ मिला।
तमिलनाडु की छह राज्यसभा सीटों पर चुनाव में डीएमके को एक सीट का नुकसान तो कांग्रेस को एक सीट का लाभ मिला है. AIADMK और पीएमके अपनी एक-एक सीट बचाने में कामयाब रहीं. पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों में टीएमसी अपनी चार सीटें बचाए रखा तो बीजेपी को एक सीट का लाभ और लेफ्ट को नुकसान हुआ।
बिहार की पांच राज्यसभ सीटों में जेडीयू ने अपनी दोनों सीटें बचाए रखा तो आरजेडी को 2 सीट का नुकसान. बीजेपी को दो सीट का लाभ हुआ तो उपेंद्र कुशवाहा अपनी सीट बचा लिया है. ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों में बीजेपी अपनी दोनों सीटें बचाए रख लिया तो बीजेडी को एक सीट का नुकसान हुआ है. इसके अलावा एक सीट बीजेपी ने अपने समर्थन से निर्दलीय को जिता लिया. असम की तीन राज्यसभा सीटों में बीजेपी अपनी दोनों सीटें बचा ली है तो असम गढ़ परिषद के पास एक सीट का नुकसान हुआ।
छत्तीसगढ़ में बीजेपी को एक सीट का फायदा तो कांग्रेस को एक सीट का नुकसान हुआ. तेलंगाना की दोनों सीटें कांग्रेस जीत ली है, उसे एक सीट का लाभ मिला है तो बीआरएस को एक सीट का नुकसान. हरियाणा की दो सीटों में बीजेपी और कांग्रेस एक-एक सीट जीती हैं, लेकि बीजेपी को एक सीट का नुकसान हुआ है. हिमाचल में कांग्रेस को एक सीट का लाभ मिला तो बीजेपी को नुकसान।






