मध्यप्रदेश

प्रदेश में डलेगी नई रेल लाइन, 32 अतिरिक्त ट्रेनों की संचालन क्षमता विकसित होगी

उज्जैन 

उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए रेलवे भी तैयारी कर रहा है। रेलवे इंदौर से उज्जैन के बीच कई सुविधाएं देगा, जिससे सिंहस्थ में ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। नई लाइनों के साथ रेलवे बायपास लाइन भी बनाएगा, जिससे ट्रेनें इंजन बदले बिना मुड़ सकेंगी। इंदौर-उज्जैन के बीच ऑटोमेटिक सिग्नल भी लगेंगे, जिससे ट्रेन यात्रा सुरक्षित हो सकेगी।

रेलवे रतलाम मंडल के प्रमुख स्टेशनों इंदौर, डॉ. अंबेडकर नगर (महू), लक्ष्मीबाई नगर और उज्जैन पर कोचिंग एवं टर्मिनल विकास कार्य चल रहे हैं। ये स्टेशन मालवा क्षेत्र के प्रमुख यात्री, धार्मिक और पर्यटन केंद्र है। इंदौर और उज्जैन के आसपास के स्टेशनों को भी संवारा जाएगा। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में 7 नई पिट लाइनें और 16 नई स्टेबलिंग लाइनों की सुविधाएं जुटाई जाएंगी, जिससे प्रतिदिन 21 प्राइमरी मेंटेनेंस और 11 प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों सहित 32 अतिरिक्त ट्रेनों की संचालन क्षमता विकसित होगी।

इंदौर स्टेशन: नया बन रहा स्टेशन

वर्तमान में इंदौर स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 57 जोड़ी ट्रेनें संचालित होती है, जिसमें 41 जोड़ी ओरिजिनेट/टर्मिनेट होती है। यहां 6 प्लेटफॉर्म और 5 पिट लाइनें उपलब्ध 6 है। स्टेशन का पुनर्विकास प्रगति पर है, जो यात्री सुविधा, अतिरिक्त ट्रेनों की दृष्टि से भी उपयोगी साबित होंगे।

लक्ष्मीबाई नगर: 7 स्टेबलिंग लाइनें बनेंगी
लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन में वर्तमान में 4 स्टेबलिंग लाइन, 3 प्लेटफॉर्म तथा 1 शंटिंग नेक उपलब्ध हैं। यहां दो अतिरिक्त प्लेटफार्म निर्माण का कार्य प्रगति पर हैं। यहां एक कोचिंग मेंटेनेंस डिपो बनाया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 259 करोड़ रुपए है। 5 नई पिट लाइनें, 7 स्टेबलिंग लाइनें और सिक कोच लाइनें निर्मित होंगी। इससे प्रतिदिन 15 प्राइमरी मेंटेनेंस ट्रेनों की देखरेख संभव होगी। यह सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित होगा। इसके साथ ही लक्ष्मी बाई नगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य भी किया जा रहा, जिसके अंतर्गत अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ नया स्टेशन भवन, नए प्लेटफार्म, कवर शेड, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट/एस्केलेटर आदि लगाने के कार्य किया जाना है।

जल्द ही नई लाइनें भी डाली जाएंगी
उज्जैन सिंहस्थ का यात्री दबाव इंदौर पर भी रहेगा। स्टेशन निर्माण के साथ नई लाइनें डाली जाएंगी ताकि नई ट्रेनें भी चलाई जा सके। इस कार्य से आने वाले समय में यात्रियों और नई ट्रेनों के संचालन में काफी फायदा मिल सकेगा। – शंकर लालवानी, सांसद

डॉ. अंबेडकर नगर (महू): 2 नई पिट लाइन बनेगी
वर्तमान में यहां 4 प्लेटफार्म एवं 3 पिट लाइन उपलब्ध हैं, किंतु प्लेटफार्म की लंबाई, ओएचई एवं प्लेटफार्म कनेक्टिविटी का कार्य प्रगति पर है। इसके बाद यह स्टेशन अधिक गाड़ियों के संचालन के लिए सक्षम हो जाएगा। वर्तमान में इस स्टेशन से 15 जोड़ी नियमित एवं 2 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इस स्टेशन को समेकित कोचिंग डिपो के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके पहले चरण में 2 नई पिट लाइनों का कार्य जो लगभग 94 करोड़ की लागत से किया जाएगा। इससे 6 ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता बढ़ेगी।

उज्जैन जंक्शन: 9 स्टेबलिंग लाइन बनेगी
उज्जैन धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, वहां आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए 9 नई स्टेबलिंग/होल्डिंग लाइनों की योजना बनाई गई है। इससे लगभग 11 प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों को खड़ा करने और टर्मिनेट करने की क्षमता विकसित होगी।

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