मध्यप्रदेश

विंध्य को मिली बड़ी सौगात: टाटा एनर्जी लगाएगी 28 हजार करोड़ से न्यूक्लियर पावर प्लांट

रीवा 

रीवा अब सिर्फ विंध्य क्षेत्र का प्रमुख शहर नहीं रहेगा, बल्कि देश के सबसे बड़े बिजली उत्पादन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है। जिले में टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ रुपये के बड़े निवेश के साथ न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने जा रही है। यह देश का पहला निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट माना जा रहा है, क्योंकि अब तक ऐसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र केवल सरकारी कंपनियों द्वारा लगाए जाते रहे हैं। केंद्र सरकार की नई हरित ऊर्जा नीतियों के बाद अब निजी कंपनियां भी इस क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। रीवा के सिरमौर तहसील के क्योटी के पास रोजहांई क्षेत्र में यह परियोजना स्थापित होगी। इससे पूरे विंध्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

जिले में टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ से न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। यह देश का पहला निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट होगा। अब तक ऐसे प्लांट सरकार चलाती है। केंद्र की हालिया व्यवस्थाओं के बाद रिलायंस, अदानी व टाटा ग्रुप ने इस क्षेत्र में कदम रखे हैं। रीवा के लिए केंद्र ने टाटा को अनुमति दे दी है। यह सिरमौर तहसील के क्योंटी के पास रोझौंहीं में बनेगा।

मप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण 169 हेक्टेयर जमीन आवंटित करेगा। प्लांट में पहले 220 मेगावॉट बिजली बनेगी। बाद में 1000 मेगावॉट और आगे 2400 मेगावॉट बिजली उत्पादन होगा। इससे 5 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा।

रीवा न्यूक्लियर पावर प्लांट: 28 हजार करोड़ निवेश और 2400 मेगावॉट उत्पादन
टाटा एनर्जी द्वारा प्रस्तावित इस न्यूक्लियर पावर प्लांट की शुरुआत 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन से होगी। इसके बाद इसे बढ़ाकर 1000 मेगावॉट और फिर आगे 2400 मेगावॉट तक ले जाने की योजना बनाई गई है। यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से विकसित होगी ताकि बिजली उत्पादन के साथ स्थानीय संसाधनों और रोजगार को भी मजबूत किया जा सके। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण इस प्रोजेक्ट के लिए 169 हेक्टेयर भूमि आवंटित करेगा। बताया जा रहा है कि यह भूमि पर्यावरणीय रूप से बंजर क्षेत्र में है, जिससे वन क्षेत्र पर असर कम होगा। इस प्लांट के शुरू होने के बाद रीवा देश के ऊर्जा मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा। यह सिर्फ बिजली उत्पादन नहीं बल्कि औद्योगिक विकास का नया द्वार भी खोलेगा।

5000 युवाओं को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
इस न्यूक्लियर पावर प्लांट का सबसे बड़ा लाभ रोजगार के रूप में सामने आएगा। अनुमान है कि करीब 5000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। निर्माण कार्य, तकनीकी सेवाएं, सुरक्षा, परिवहन, मशीन संचालन और रखरखाव जैसे कई क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के लिए अवसर बनेंगे। इसके अलावा आसपास छोटे व्यवसाय जैसे होटल, दुकानें, परिवहन सेवाएं और ठेकेदारी भी तेजी से बढ़ेंगे। लंबे समय से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह परियोजना उम्मीद की बड़ी किरण बन सकती है। खास बात यह है कि रीवा के युवाओं को अपने ही जिले में बेहतर नौकरी के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन भी कम होगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया, यह पथरीली-बंजर भूमि पर बनेगा। पहले यहां सोलर प्लांट बनना था। वन भूमि के कारण एनओसी न मिलने से प्रोजेक्ट रद्द हुआ। शुक्ल ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक भी की।

कमिश्नर बीएस जामोद ने बैठक में बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक जमीनें तय समय सीमा में टाटा एनर्जी को उपलब्ध करा दी जाएंगी। निजी जमीनों को टाटा एनर्जी स्वयं प्राप्त करेगी। प्रशासनिक स्तर पर पूरा सहयोग किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट से केवल 30 मिनट की दूरी पर मैहर जिले में अमझर में 170 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। एमपीआईडीसी के अधिकारी इसमें निवेश के लिए केन्द्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य योजना) के तहत प्रस्ताव बनाएं। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक यूके तिवारी ने बताया कि अमझर में औद्योगिक पार्क में 50 से अधिक औद्योगिक इकाईयां स्थापित की जाएंगी। औद्योगिक केन्द्र के लिए अतिरिक्त भूमि की भी तलाश की जा रही है।

अमझर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क का लाभ भी
सीसीएफ राजेश राय ने कहा कि वन भूमि में अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर समय सीमा में अनुमति जारी कर दी जाएगी। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि जिले में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता दी जाएगी। जिले के औद्योगिक विकास में तेजी के लिए निवेश आवश्यक है। अमझर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क का लाभ भी रीवा जिले को मिलेगा।

टाटा एनर्जी के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित परियोजना की विस्तार से जानकारी दी। टाटा एनर्जी के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की। बैठक में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी नितिन पटेल तथा टाटा एनर्जी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रीवा संभाग में हर तरह के पावर प्लांट –

रीवा संभाग बिजली उत्पादन का हब बन रहा है। सिंगरौली में पहले से ही थर्मल पावर प्लांट हैं। रीवा में 750 मेगावॉट का सोलर पावर प्लांट है। सिरमौर और सिलपरा में हाइड्रो पावर प्लांट के साथ पहडिय़ा में कचरे से भी बिजली बन रही है। अब न्यूक्लियर पावर प्लांट से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड