विदेश

‘जरा सी गलती की तो पूरी ताकत से जवाब देंगे…’, ईरान ने ट्रंप को दी चेतावनी

तेहरान 

ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बार फिर सख्त लहजे में चेतावनी दी है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मह बाकर ग़ालिबाफ ने साफ कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार जरूर है, लेकिन अगर जरा सी भी गलती हुई तो जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। 

टीवी पर रविवार को दिए गए संबोधन में गालिबाफ ने दो टूक कहा कि ईरान इस समय हाई अलर्ट पर है. उन्होंने कहा, "हम पूरी तरह तैयार हैं. अगर उन्होंने जरा सी भी गलती की, तो हम पूरी ताकत से जवाब देंगे." उनके इस बयान से साफ है कि एक तरफ वार्ता की बात हो रही है, लेकिन दूसरी तरफ सख्ती भी बरकरार है। 

गालिबाफ ने यह भी दावा किया कि ईरान ने मैदान में अपनी ताकत दिखाई है और अब वह मजबूत स्थिति से बातचीत करना चाहता है. उन्होंने कहा कि इस बार ईरान की सैन्य क्षमता पहले के मुकाबले काफी बेहतर है और यह बात जंग के दौरान साफ नजर आई है। 

हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका के पास संसाधन और ताकत ज्यादा है. गालिबाफ ने कहा, "हम सैन्य तौर पर अमेरिका से मजबूत नहीं हैं. उनके पास ज्यादा पैसा, ज्यादा हथियार और ज्यादा अनुभव है." लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अपनी रणनीति और तैयारी के दम पर हालात को अपने पक्ष में मोड़ा है। 

गालिबाफ के मुताबिक, यह सीधी लड़ाई नहीं बल्कि अलग तरह की जंग है, जिसमें ईरान ने अपनी योजना के जरिए मजबूत देशों का मुकाबला किया. उन्होंने कहा कि विरोधी देशों के पास संसाधन तो थे, लेकिन उनकी रणनीति सही नहीं रही, जबकि ईरान ने बेहतर तरीके से काम किया। 

गालिबाफ ने अमेरिका के फैसलों पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके विरोधी ईरान को सही तरीके से समझ नहीं पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि "वे हमारे लोगों को लेकर भी गलत सोच रखते हैं और सैन्य फैसलों में भी गलती करते हैं। 

इस दौरान उन्होंने इजरायल पर भी निशाना साधा. गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका भले ही "अमेरिका फर्स्ट" की बात करता हो, लेकिन असल में उसके फैसलों में इजरायल की भूमिका ज्यादा नजर आती है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका कई बार इजरायल से मिली जानकारी के आधार पर फैसले लेता है, जो सही नहीं होती। 

इसके अलावा, गालिबाफ ने यह भी कहा कि विरोधी देशों ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली. उनके मुताबिक, ईरान को अस्थिर करने और उसकी तेल संपत्ति पर कब्जा करने की योजना भी नाकाम रही। 

इस बीच, अमेरिका की तरफ से भी रुख सख्त बना हुआ है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ईरान पर दबाव बनाकर रखा जाएगा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ब्लॉकेड जारी रहेगी और ईरानी जहाजों को उसके पोर्ट से निकलने नहीं दिया जाएगा. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश बातचीत की राह चुनते हैं या फिर टकराव और बढ़ता है। 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड