मध्यप्रदेश

अनुशंसाओं को संवेदनशीलता के साथ करें लागू : राज्यपाल पटेल

भोपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय कार्यशाला में प्राप्त सुझावों और अनुशंसाओं को संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जनजातीय कल्याण, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनजातीय सशक्तिकरण के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों और मार्गदर्शन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जनजातीय विकास से संबद्ध विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

  •     प्रदेश के परिदृश्य में हो नवाचारों का अध्ययन। 
  •     विकास कार्य, जनजातीय क्षेत्र फोकस्ड हों।
  •     अन्तर्विभागीय समन्वय जरूरी।
  •     क्रियान्वयन में जवाबदारी बढ़ाए।
  •     स्कूलों की गुणवत्ता में पेसा समितियों को जोड़े। 

राज्यपाल  पटेल मंगलवार को लोकभवन में जनजातीय प्रकोष्ठ के साथ जनजातीय कार्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण और विकास के लिए प्रावधानित बजट का जनजाति उन्मुख उपयोग हो। राशि को लक्षित उद्देश्य पर ही खर्च किया जाए। राज्यपाल  पटेल ने मैदानी भ्रमण कर जनजातीय विकास प्रयासों की जमीनी हकीकत जानने के और अधिक सघन प्रयासों पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक जनजातीय जनसंख्या वाला विस्तृत क्षेत्र है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में निवासरत जनजातियों के विकास एवं कल्याण के कार्य और अधिक क्षेत्र फोकस्ड होना जरूरी है। कार्यशाला में प्राप्त देश के जनजातीय बाहुल्य राज्यों द्वारा जनजातीय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का प्रदेश की आवश्यकता के संदर्भ में अध्ययन किया जाए, उन्हें समझ कर अपनाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि कमजोर वर्गों के कल्याण प्रयासों में संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण है। समानुभूति की भावना के साथ किए गए आत्मीय प्रयास सदैव सुफल देते हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय कल्याण प्रयासों में जन प्रतिनिधियों और शासकीय सेवकों की और अधिक संवेदनशीलता तथा सक्रियता जरूरी है। पात्र हितग्राहियों का चयन, योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, बजट राशि के समुचित उपयोग की प्रक्रियाओं में और अधिक जवाबदारी होनी चाहिए। जिम्मेदारी के निर्वहन में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि शिक्षा, प्रगति का मार्ग सुनिश्चित करती है। जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण में शिक्षा के प्रसार की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए जरूरी है कि जनजाति क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। पेसा निगरानी समिति के माध्यम से शिक्षकों, शिक्षण, शैक्षणिक गुणवत्ताओं आदि की निगरानी और मूल्यांकन के प्रयास किए जाए।

 राज्यपाल  पटेल को बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा ने विगत 16 और 17 अप्रैल 2026 को आयोजित जनजातीय उपयोजना कार्यशाला की अनुशंसाओं की विस्तार से जानकारी दी।

लोकभवन के जवाहर खण्ड सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष  दीपक खाण्डेकर, राज्यपाल के उप सचिव  सुनील दुबे, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, जनजातीय कार्य विभाग, जनजातीय प्रकोष्ठ के सदस्य और लोकभवन के अधिकारी उपस्थित थे।

 

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