राज्यों से

हाईटेक डिजाइन और विश्वस्तरीय निर्माण का उदाहरण है गंगा एक्सप्रेसवे

हाईटेक डिजाइन और विश्वस्तरीय निर्माण का उदाहरण है गंगा एक्सप्रेसवे

594 किमी लंबा मेगा प्रोजेक्ट, आधुनिक सुविधाएं, इंडस्ट्रियल क्लस्टर और सुरक्षा तंत्र के साथ बदलेगा यूपी का आर्थिक परिदृश्य

लखनऊ/हरदोई
 मेरठ से प्रयागराज तक फैला गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक हाईवे नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का नया सुपर कॉरिडोर बनकर उभरा है। लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के साथ प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे स्टेट’ के रूप में स्थापित कर रहा है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाला यह प्रोजेक्ट यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाते हुए विकास की नई इबारत लिख रहा है।

हाईटेक डिजाइन और विश्वस्तरीय निर्माण
गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। 6 लेन के इस एक्सप्रेसवे पर 14 दीर्घ सेतु, 165 लघु सेतु, 7 आरओबी, 32 फ्लाईओवर, 453 अंडरपास और 795 बॉक्स कलवर्ट बनाए गए हैं। प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 21 स्थानों पर इंटरचेंज विकसित किए गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह निर्बाध रहेगा। प्रोजेक्ट की एक खासियत यह भी है कि इसे भविष्य की जरूरतों के मुताबिक डिजाइन किया गया है। आने वाले सालों में ट्रैफिक लोड बढ़ने की स्थिति में इसे आसानी से 6 से 8 लेन में परिवर्तित किया जा सकेगा।

सुरक्षित और स्मार्ट यात्रा का अनुभव
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर हर एक किलोमीटर पर सोलर ऊर्जा से संचालित हाईटेक स्मार्ट कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 9 आधुनिक जन-सुविधा परिसरों में फूड कोर्ट, फ्यूल स्टेशन और विश्राम की व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 737 किमी लंबी सर्विस रोड स्थानीय लोगों के आवागमन को आसान बनाती है।

एयरस्ट्रिप और सामरिक महत्व
गंगा एक्सप्रेसवे की एक विशेषता इसकी आपातकालीन एयरस्ट्रिप है, जिसे भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए तैयार किया गया है। इससे यह एक्सप्रेसवे केवल यातायात ही नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है। इस सुविधा के साथ उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे पर एयरस्ट्रिप के मामले में देश में अग्रणी बन गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन ग्रोथ मॉडल
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों को जोड़ता है। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि इन जिलों के बीच व्यापार, उद्योग और संसाधनों का प्रवाह भी तेज होगा। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अग्रणी बन रहा है। यह परियोजना राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन ग्रोथ मॉडल को मजबूत करती है और ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड