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मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में इंजीनियरिंग शिक्षा का परिदृश्य बदल रहा, नहीं बनना चाहता इंजीनियर, 64 कॉलेज हुए बंद

भोपाल 

मध्यप्रदेश में इंजीनियरिंग शिक्षा का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। प्लेसमेंट के घटते अवसर और पारंपरिक ब्रांचों में छात्रों की कम होती रुचि ने कई कॉलेजों के अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यही वजह है कि इस साल भी कई इंजीनियरिंग कॉलेज सीटें सरेंडर करने की तैयारी में हैं। पिछले साल प्रदेश में 754 सीटें सरेंडर की गई थीं। हाल इतने बुरे हैं कि बीते 10 सालों में प्रदेश के 64 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हो चुके हैं। दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग (एमएल) और ई-मोबिलिटी जैसी आधुनिक ब्रांचों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके चलते कॉलेज इन क्षेत्रों में सीटें बढ़ाने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेज रहे हैं।

आंकड़े बताते हैं कि अब छात्र और अभिभावक केवल उन्हीं संस्थानों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां बेहतर प्लेसमेंट की गारंटी हो। इससे छोटे और कम पहचान वाले कॉलेजों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश के इंजीनियरिंग क्षेत्र में जबर्दस्त बदलाव आ रहा है। एक ओर जहां इंजीनियरिंग कॉलेजों में ताला लग रहा है, 5 दर्जन से ज्यादा कॉलेज बंद हो चुके हैं वहीं नए कोर्सेस की डिमांड बढ़ भी रही है। प्लेसमेंट के दबाव से यह स्थिति बन रही है।

नई ब्रांच में रुचि, पुरानी में गिरावट
प्रदेश में इंजीनियरिंग की कुल 75722 सीटों में से पिछले साल सबसे ज्यादा 20 हजार से अधिक एडमिशन केवल कंप्यूटर साइंस (सीएसई) में हुए। इसके विपरीत, कई पारंपरिक और विशेष ब्रांचों की हालत बेहद खराब रही। एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, ई व्हीकल्स जैसी 12 ब्रांचों में पिछले दो साल से सीटें लगभग खाली रहीं।

बदलती प्राथमिकताएं:
2015-16 में जहां प्रदेश में 200 इंजीनियरिंग कॉलेज और करीब 95 हजार सीटें थीं, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर 138 कॉलेज और 74722 सीटों तक सिमट गई है। यह गिरावट स्पष्ट संकेत देती है कि इंजीनियरिंग शिक्षा अब केवल संख्या का खेल नहीं रह गया, बल्कि गुणवत्ता और रोजगार से सीधे जुड़ गई है।

प्रमुख बिंदु
इंजीनियरिंग क्षेत्र में जबर्दस्त बदलाव
एमपी के इंजीनियरिंग कॉलेजों में लग रहा ताला
एक दशक में 5 दर्जन से ज्यादा कॉलेज बंद हुए
प्लेसमेंट के दबाव से स्थिति बदली
स्टूडेंट का नई ब्रांच की ओर रुझान
एआइ की सबसे ज्यादा डिमांड
इंजीनियरिंग की पुरानी सीटें सरेंडर कर रहे कॉलेज
नए कोर्सेस के लिए भेजे प्रस्ताव

दस साल में स्थिति
सत्र -कॉलेज- सीट
2025-26- 138- 74722
2024-25- 142- 63338
2023-24- 140- 71400
2022-23- 143- 69966
2020-21- 150- 56008
2019-20- 162- 59000
2018-19- 160- 65000
2017-18- 197- 79899
2016-17- 194- 90303
2015-16- 200- 94980

 

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