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ज्योतिष

महाभारत के वो 5 गांव आज कहां हैं और क्या हैं उनके आधुनिक नाम? पूरी जानकारी

 महाभारत की कथा से जुड़ी एक बेहद प्रसिद्ध पंक्ति आपने जरूर सुनी होगी, 'जब भगवान श्रीकृष्ण हस्तिनापुर की सभा में पांडवों के लिए मात्र पांच गांव की मांग करते हैं. लेकिन दुर्योधन अहंकार में आकर वह पांच गांव भी देने से मना कर देता है.' इसके बाद क्या हुआ, यह हम सभी जानते हैं महाभारत का विनाशकारी युद्ध. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज के समय में वे पांच गांव कहां स्थित हैं और उनके नाम क्या हैं? आइए जानते हैं इस रोचक और ऐतिहासिक तथ्य को.

जब पांडवों को हस्तिनापुर से निकाला गया था, तब उन्होंने इंद्रप्रस्थ को अपनी राजधानी बनाया था. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इंद्रप्रस्थ पहले खांडवप्रस्थ था, जिसे पांडवों ने विकसित किया था. माना जाता है कि आज की दिल्ली का पुराना किला ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का स्थान है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, पुराना किला यमुना नदी के किनारे स्थित था. यहां खुदाई में टेराकोटा के खिलौने और चित्रित मिट्टी के बर्तन मिले हैं, जिनका काल लगभग 1000 ईसा पूर्व माना गया है. ये प्रमाण इंद्रप्रस्थ की ऐतिहासिकता को मजबूत करते हैं.

अब बात करते हैं उन पांच गांवों की
व्याघ्रप्रस्थ
पहला गांव था व्याघ्रप्रस्थ, जिसे आज बागपत के नाम से जाना जाता है. व्याघ्र का अर्थ होता है बाघ, और कहा जाता है कि यहां प्राचीन समय में बाघ पाए जाते थे. इसी स्थान को लाक्षागृह की घटना से भी जोड़ा जाता है, जहां पांडवों को जलाने की साजिश रची गई थी.

स्वर्णप्रस्थ
दूसरा गांव था स्वर्णप्रस्थ, जिसे आज सोनीपत कहा जाता है. समय के साथ इसका नाम बदलते-बदलते सोनीपत हो गया. यह हरियाणा का एक प्रमुख शहर है.

पांडुप्रस्थ
तीसरा गांव था पांडुप्रस्थ, जिसे आज पानीपत के नाम से जाना जाता है. यह स्थान नई दिल्ली से लगभग 90 किलोमीटर दूर है और इसके पास ही कुरुक्षेत्र स्थित है, जहां महाभारत का युद्ध हुआ था.

तिलप्रस्थ
चौथा गांव था तिलप्रस्थ, जिसे आज फरीदाबाद जिले का तिलपत कहा जाता है. यह स्थान बहुत प्राचीन है और यहां से महाभारत काल से भी पहले की सभ्यता के प्रमाण मिले हैं. इन सभी गांवों में तिलपत को सबसे प्राचीन माना जाता है. यह कभी इंद्रप्रस्थ राज्य के अधीन था.

कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र हरियाणा का एक प्रमुख तीर्थस्थल है. यहीं ज्योतिसर में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था. कहा जाता है कि यह पूरा क्षेत्र 48 कोस में फैला हुआ था.

इन पांच गांवों के अलावा, महाभारत में सबसे महत्वपूर्ण स्थान हस्तिनापुर को माना जाता है. यह कौरवों की राजधानी थी और पूरा महाभारत इसी के इर्द-गिर्द घूमता है. आज हस्तिनापुर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है और एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है. मान्यता है कि एक समय गंगा नदी की भयंकर बाढ़ ने इस पूरे नगर को नष्ट कर दिया था.

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