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ज्योतिष

मुख्य द्वार पर जल छिड़काव: वास्तु अनुसार घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का उपाय

 घर का मुख्य द्वार ही वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा और धन का आगमन होता है. अगर आप भी अपने घर में बरकत और शांति चाहते हैं, तो सुबह के समय मुख्य द्वार पर जल छिड़कने का छोटा सा उपाय आपके लिए बेहद प्रभावी साबित हो सकता है.

मुख्य द्वार पर जल छिड़काव के चमत्कारी लाभ
लक्ष्मी का आगमन: ताजा जल पवित्रता का प्रतीक है, जो धन और सौभाग्य को घर की ओर आकर्षित करता है.

नकारात्मक ऊर्जा का नाश: यह द्वार की दहलीज को शुद्ध करता है और रात भर में जमा हुई नकारात्मक शक्तियों व बुरी नजर को खत्म करता है.

राहु दोष का निवारण: मुख्य द्वार राहु से संबंधित माना गया है.  सुबह जल छिड़कने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है, जिससे अचानक आने वाली मुसीबतें और पारिवारिक कलह दूर होती है.

पितृ देवों का आशीर्वाद: पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ सुबह के समय प्रवेश द्वार पर आते हैं.  जल की स्वच्छता उन्हें तृप्त करती है और उनका आशीर्वाद मिलता है.

कैसे छिड़के जल
सही समय: यह उपाय सुबह सोकर उठने के बाद, सूर्योदय से पहले या ठीक बाद करें. पहले द्वार के सामने झाड़ू लगाएं, फिर जल छिड़कें.

तांबे का पात्र: जल को रात भर तांबे के लोटे में रखे,  सुबह उसका इस्तेमाल करें. तांबे के औषधीय गुण और शुद्धिकरण की शक्ति  के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देती है.

इन चीजों को मिलाकर बनाएं उपाय को और शक्तिशाली
हल्दी का पानी: एक चुटकी हल्दी मिलाने से गंभीर आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं.

सेंधा नमक: सप्ताह में एक बार (विशेषकर शुक्रवार को) पानी में सेंधा नमक मिलाकर छिड़काव करें. यह जिद्दी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सेहत को बेहतर करता है.

गंगाजल या गुलाब जल: इसकी कुछ बूंदें घर में शांति और सद्भाव बनाए रखती हैं.

दिशा संबंधी सावधानियां (Directional Precautions)
वास्तु के अनुसार दिशा के अनुसार जल का इस्तेमाल करें:

शुभ दिशाएं: यदि मुख्य द्वार उत्तर (North), उत्तर-पूर्व (North-East) या पूर्व (East) में है, तो जल के उपाय सबसे ज्यादा फायदेमंद हैं.

सावधानी: दक्षिण (South), दक्षिण-पूर्व (SE) या दक्षिण-पश्चिम (SW) दिशा वाले द्वार पर जल का छिड़काव कम करें. इन अग्नि वाली दिशाओं में पानी का ज्यादा जमाव अस्थिरता या आर्थिक नुकसान की वजह बन सकता है. यहा केवल हल्की सफाई पर ध्यान दें.

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