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अमेरिका-ईरान सीजफायर से ईरान को बड़ा फायदा, रिपोर्ट में दावा

नई दिल्‍ली
 हाल ही में हुए अमेरिका-ईरान सीजफायर फ्रेमवर्क से ईरान को सबसे ज्‍यादा फायदा हुआ है। जेफरीज की हालिया 'ग्रीड एंड फियर' रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इसके अनुसार, प्रस्तावित समझौता जियोपॉलिटिकल हालात में एक बड़ा बदलाव है। इसके ग्लोबल मार्केट पर दूरगामी असर हो सकते हैं।

ईरान मार ले गया मैदान
रिपोर्ट के मुताबिक, इस ड्राफ्ट फ्रेमवर्क में ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी करने की बात कही गई है। साथ ही लंबे समय से चले आ रहे प्रतिबंधों को हटाए जाने की भी संभावना है।

बातचीत औपचारिक रूप से शुरू होने से पहले ही आधी रकम मिलने की उम्‍मीद है। जेफरीज ने इस घटनाक्रम को इस बात का संकेत बताया है कि बातचीत में तेहरान का पलड़ा भारी रहा है।

ट्रंप को ऐसे हुआ नुकसान
ब्रोकरेज के अनुसार, यह युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बढ़ते राजनीतिक दबाव को भी दिखाता है। उनकी अप्रूवल रेटिंग काफी कम हो गई है।

रिपोर्ट में बताए गए रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे में 62% लोगों ने उन्हें नापसंद किया। वहीं, 63% लोगों ने अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तरीके को नापसंद किया।

मार्केट के नजरिए से जेफरीज का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाला सीजफायर और तेल की कम कीमतें अमेरिका के बाहर के मार्केट, खासकर साइक्लिकल सेक्टर में बेहतर परफॉर्मेंस में मदद कर सकती हैं।

इन चार बड़ी कंपनियों की बल्‍ले-बल्‍ले
रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश की भारी तेजी पर भी जोर दिया गया है। अमेरिका की चार बड़ी हाइपरस्केलर कंपनियों का कैपिटल एक्सपेंडिचर 2026 में 680 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह AI की होड़ की तीव्रता को दिखाता है। इन कंपनियों में अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और मेटा शामिल हैं।

जापान में बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरें बढ़ाकर 1% कर दी हैं। ये तीन दशकों से ज्‍यादा समय में सबसे ज्‍यादा स्तर है। यील्ड बढ़ने के बावजूद जेफरीज का मानना है कि बेहतर होती नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ और महंगाई की स्थिति के कारण जापानी इक्विटी सरकारी बॉन्ड की तुलना में काफी ज्‍यादा आकर्षक बनी हुई है।

अमेरिका में महंगाई की बढ़ती चिंता
ब्रोकरेज के अनुसार, अमेरिका में महंगाई के जोखिमों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। मनी मार्केट अब 2026 के अंत तक ब्याज दरों में लगभग 0.36 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। यह इस चिंता को दिखाती है कि महंगाई पहले की उम्मीद से ज्‍यादा समय तक बनी रह सकती है। जेफरीज का तर्क है कि बॉन्ड यील्ड का बढ़ना निवेशकों के लिए मुख्य जोखिमों में से एक बना हुआ है।

साथ ही, कॉर्पोरेट कमाई की उम्मीदें भी मजबूत बनी हुई हैं। आम सहमति वाले अनुमानों के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में एसएंडपी 500 की कमाई में साल-दर-साल 22.8 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसमें टेक्नोलॉजी कंपनियां इस बढ़त में सबसे आगे रहेंगी।

इमर्जिंग मार्केट्स कंपनियों में कुछ को प्रॉफिट
हालांकि, जेफरीज को इक्विटी मार्केट में सट्टेबाजी के बढ़ते संकेत दिख रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले साल MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में शामिल सिर्फ 24.6% शेयरों ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। यह एक रिकॉर्ड निचला स्तर है जो बताता है कि मार्केट का नेतृत्व कुछ ही शेयरों तक सीमित होता जा रहा है।

रिपोर्ट में स्‍पेसएक्‍स को लेकर दिख रहे जबरदस्त उत्साह का भी जिक्र किया गया है। हाल ही में लॉन्च किए गए 11 लेवरेज्ड स्‍पेसक्‍स एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) ने सिर्फ तीन दिनों में 8.2 अरब डॉलर का ट्रेडिंग वॉल्यूम हासिल किया। वहीं, उनके पास मौजूद एसेट्स की कीमत सिर्फ 63.8 करोड़ डॉलर थी। जेफरीज इस घटनाक्रम को आम निवेशकों की तरफ से सट्टेबाजी के बढ़ते जोश का एक और संकेत मानता है।

इजरायल रह गया खाली हाथ
इजरायल का रिपोर्ट में जिक्र नहीं है। लेकिन, वह खाली हाथ ही रहा है। युद्धविराम से इजरायल नाराज है। ऐसा होने का मुख्य कारण यह है कि इस पूरी बातचीत में इजरायल को पूरी तरह साइडलाइन कर दिया गया। इससे उसके प्रमुख सुरक्षा हित दांव पर लग गए हैं। इजरायल का मानना है कि इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करने और लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह व गाजा में हमास जैसे ईरान-समर्थित सशस्त्र समूहों के खतरों को खत्म करने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है।

इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन की ओर से तय की गई शर्तों के तहत दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी की मांग ने इजरायल के भीतर राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर भारी असंतोष पैदा कर दिया है। उसे डर है कि युद्ध रुकने से उसके दुश्मनों को फिर से मजबूत होने का मौका मिल जाएगा।

चीन की घरेलू अर्थव्यवस्था
इस बीच, चीन की घरेलू अर्थव्यवस्था संघर्ष कर रही है। रिटेल बिक्री कमजोर हुई है। क्रेडिट ग्रोथ धीमी है। प्रॉपर्टी में निवेश पर दबाव बना हुआ है। फिर भी निर्यात खासकर सेमीकंडक्टर शिपमेंट में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। इससे आर्थिक तस्वीर काफी असमान होती जा रही है।

कुल मिलाकर, जेफरीज का मानना है कि निवेशक एक ऐसी दुनिया में काम कर रहे हैं जो भू-राजनीतिक अनिश्चितता, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और AI-आधारित बाजार तेजी से आकार ले रही है। यह तेजी कुछ ही क्षेत्रों या शेयरों तक सीमित होती जा रही है।

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