एडिलेड टेस्ट में ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली, दूसरे टेस्ट मैच में पंत को मौका मिल सकता है और वो मिडिल ऑर्डर की कमजोरी को दूर कर सकते हैं
एडिलेड टेस्ट में शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया पर पलटवार का दबाव है. पहले टेस्ट में हार के साथ ही उसने बॉक्सिंग डे टेस्ट में जीत की के लिए प्लानिंग शुरू कर दी होगी. एडिलेड में टीम इंडिया का बैटिंग ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ. पहली पारी में टीम इंडिया ने 244 रन बनाए और दूसरी पारी में वो महज 36 पर सिमट गई. दोनों ही पारियों में मिडिल ऑर्डर और टॉप ऑर्डर पूरी तरह सरेंडर करते दिखा. टेस्ट मैच में सिर्फ विराट कोहली ऐसे बल्लेबाज दिखे जो कि रन बनाने के मूड में दिख रहे थे. बाकी सभी बल्लेबाज बस संघर्ष ही करते दिखे. अब इस कमजोरी पर टीम इंडिया को पार पाना होगा क्योंकि तभी मेलबर्न में पलटवार होगा. दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया कई बदलाव के साथ उतरेगी और उनमें ऋषभ पंत
(Rishabh Pant) का टीम में आना जरूरी है. पंत का टीम इंडिया में होना क्यों जरूरी है और आखिर कैसे वो भारतीय टीम की दशा और दिशा बदल सकते हैं, आइए आपको बताते हैं.
ऋषभ पंत के आने से होगा टीम इंडिया में बड़ा बदलाव
एडिलेड टेस्ट में टीम इंडिया बेहद की नकरात्मक अंदाज में बल्लेबाजी करती दिखी थी. सभी खिलाड़ी डिफेंसिव शॉट्स खेल रहे थे. वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन, जो कि मैन ऑफ द मैच भी रहे, उन्होंने बताया कि आक्रामक तेवरों के साथ बल्लेबाजी करने से ही विरोधी टीम पर काबू पाया जा सकता है. टिम पेन ने पहली पारी में नाबाद 73 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 70 से ज्यादा का रहा. उनकी इस पारी से दिखता है कि वो आक्रामक अंदाज में खेले और उन्होंने बाउंड्री बटोरने के मौके बनाए.
टिम पेन जैसी ही काबिलियत ऋषभ पंत में भी है. बाएं हाथ का ये बल्लेबाज लगातार गेंदबाज पर दबाव बनाने की कोशिश करता है, ठीक वैसे ही जैसे कभी एडम गिलक्रिस्ट किया करते थे. पंत को टेस्ट टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की बात ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग भी कह चुके हैं. पॉन्टिंग का मानना है कि भले ही पंत के अंदर साहा जैसी विकेटकीपिंग स्किल्स ना हो लेकिन वो बल्लेबाज अच्छे हैं. टीम इंडिया चाहे तो उन्हें बतौर बल्लेबाज भी टीम में जगह दे सकती है.
अच्छी फॉर्म में है पंत
ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में तूफानी शतक भी ठोका था. साफ है कि पंत अच्छी फॉर्म में भी हैं. यही नहीं पंत का ऑस्ट्रेलिया में अच्छा रिकॉर्ड भी है, वहां उनका टेस्ट औसत 50 से अधिक है. पंत को अगर टीम इंडिया प्लेइंग इलेवन में शामिल करती है तो उसके मिडिल ऑर्डर में एक आक्रामकता की भावना पैदा कर सकते हैं. टीम इंडिया को बस जीत के लिए यही चाहिए.






