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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में 25 फरवरी 2025 से शुरू होने वाली है बोर्ड की परीक्षाएं, अब केंद्राध्यक्ष भी नहीं रख पाएंगे मोबाइल

भोपाल
भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी, 2025 से शुरू होगी। इस बार प्रश्न पत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने और गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक सहित किसी भी स्टाफ के पास मोबाइल पाया गया तो संबंधित थाना क्षेत्र में उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा। ऐसे सख्त प्रविधान के लिए परीक्षा अधिनियम में संशोधन विधेयक विधानसभा के 16 दिसंबर से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। संशोधित विधेयक में प्रतिबंध के बावजूद केंद्र में मोबाइल ले जाने पर 10 वर्ष तक कैद की सजा का प्रविधान प्रस्तावित किया गया है। इस संशोधन का आधार भारत सरकार के सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 को बनाया गया है।

पहले तीन वर्ष की सजा का प्रविधान था
दो वर्ष पहले प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आने पर माशिमं की कार्यपालिका समिति ने ऐसा करने वाले के लिए 10 साल कैद की सजा और दस लाख रुपये अर्थदंड का प्रस्ताव बनाया था। दरअसल, मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षाएं अधिनियम- 1937 की धारा-3 (डी) में परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग करने या करवाने वाले के लिए तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड का प्रविधान है।

माशिमं की परीक्षाओं में इसी अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है। भारत सरकार के सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के नियम जारी होने के बाद अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पहले मोबाइल प्रचलन में नहीं थे इसलिए इनके दुरुपयोग को रोकने संबंधी प्रविधान भी नहीं थे।

प्रश्न पत्र के फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर किए गए थे वायरल
दो साल पहले प्रश्न पत्र लीक मामले में मोबाइल के उपयोग की बात सामने आई थी। पुलिस थाना से प्रश्न पत्र परीक्षा कक्ष तक पहुंचने के दौरान मोबाइल से फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इसे देखते हुए यह प्रविधान लाया जा रहा है कि केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक सहित अन्य स्टाफ परीक्षा के समय मोबाइल नहीं रख सकेंगे। माशिमं के सचिव केडी त्रिपाठी के अनुसार यदि ऐसा पाया जाता है तो उन्हें 10 वर्ष तक की कैद की सजा हो सकेगी और जुर्माना भी लगेगा। ऐसे अधिकारी- कर्मचारियों को माशिमं के परीक्षा कार्य से प्रतिबंधित भी कर दिया जाएगा। बता दें, पहले भी परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित था, लेकिन केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और स्टाफ इसे लेकर जाते थे। बस परीक्षार्थियों के लिए सख्ती बरती जाती थी।

बाहर ही जमा करने होंगे मोबाइल
परीक्षा केंद्रों के बाहर लोहे की पेटी रखी जाएगी। इसमें मोबाइल जमा करना होगा। परीक्षा केंद्रों से माशिमं को सूचना देने या परीक्षा की निगरानी करने के लिए मोबाइल के बदले वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसमें लैंडलाइन फोन के उपयोग के साथ-साथ पोर्टल भी तैयार किया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। इसमें ई-मेल के माध्यम से मंडल का पूरा नियंत्रण और संचालन होगा। साथ ही आफलाइन प्रक्रिया को बंद कर आनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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