गर्मी में ठंडक देने वाली रेसिपी: आंध्र की मज्जिगा चारु रसम बनाएं घर पर

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     नौतपा की इस तपती गर्मी में जब कुछ भारी या तीखा-मसालेदार खाने का मन न हो, तब दही और छाछ से बनी चीजें अलग ही सुकून देती हैं. इस मौसम में आंध्र प्रदेश की यह ट्रेडिशनल मज्जिगा चारु या मसालेदार छाछ रसम भी बेस्ट ऑप्शन है.यह पेट को ठंडक देने के साथ-साथ मुंह का टेस्ट भी बदल देता है.

    दही और हल्के मसालों के मेल से बनने वाली यह छाछ रसम, कढ़ी से काफी अलग और बहुत हल्की होती है. इसे आप सादे उबले हुए चावल या सूप की तरह भी एन्जॉय कर सकते हैं.आइए  इसे बनाने का सबसे आसान और परफेक्ट तरीका जानते हैं.

    छाछ रसम या मज्जिगा चारु के लिए इंग्रेडिएंट्स
        खट्टी छाछ या पतला दही: 2 कप
        कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल: 1/2 कप
        हरी मिर्च: 2
        जीरा: 1 छोटा चम्मच
        लहसुन : 2 कलियां
        बारीक कटा प्याज: 1 छोटा
        हल्दी पाउडर: 1/4 छोटा चम्मच
        नमक

    तड़के के लिए
        तेल: 1 बड़ा चम्मच
        राई: 1/2 छोटा चम्मच
        जीरा: 1/2 छोटा चम्मच
        सूखी लाल मिर्च: 1
        करी पत्ते: 8-10
        हींग: एक चुटकी

    छाछ रसम या मज्जिगा चारु बनाने का आसान तरीका

    सीक्रेट मसाला पेस्ट बनाएं
    हले मिक्सर जार में कद्दूकस किया हुआ नारियल, हरी मिर्च, 1 चम्मच जीरा, लहसुन और थोड़ा सा पानी डालकर एक स्मूद और गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें.

    छाछ का मिक्चर तैयार करें
    एक बड़े बर्तन में छाछ या फेंटा हुआ पतला दही लें. अब इसमें हल्दी पाउडर, नमक और जो नारियल का पेस्ट डालकर अच्छी तरह से फेंट लें ताकि सब कुछ आपस में मिल जाए.

    हल्का सा पकाएं
    अब इस बर्तन को गैस पर धीमी आंच पर रखें. इसे लगातार चलाते हुए पांच से सात मिनट तक हल्का गर्म होने दें. ध्यान रहे, इसे कढ़ी की तरह उबाला नहीं जाता. बस हल्का सा गर्म करना है ताकि मसालों का कच्चापन निकल जाए और छाछ फटे भी नहीं. जैसे ही हल्का सा धुआं उठने लगे, गैस बंद कर दें.

    तड़का लगाएं
    एक छोटे तड़का पैन में तेल गर्म करें. तेल गर्म होते ही राई, जीरा, सूखी लाल मिर्च और हींग डालें. जब राई चटकने लगे, तो इसमें करी पत्ते और बारीक कटा हुआ प्याज डालकर प्याज को हल्का गुलाबी होने तक भून लें.

    इस तरीके से सर्व करें
    इस गरमा-गरम तड़के को तुरंत छाछ वाले मिक्सर में डालें और बर्तन को दो मिनट के लिए ढक दें ताकि तड़के की खुशबू रसम में समा जाए. फिर इसे गर्म चावल के साथ परोसे.

    गर्मियों में क्यों है यह वरदान?
    यह रेसिपी कम तेल और बिना किसी भारी गरम मसाले के बनती है. दही और नारियल की तासीर ठंडी होने के कारण यह चिलचिलाती गर्मी में शरीर के तापमान को बैलेंस रखती है और डाइजेशन को एकदम दुरुस्त रखती है.