ओडिशा में वोट के लिए लगा रहे गुहार, 21 लोकसभा और 147 विधानसभा सीटों पर होगी वोटिंग
भुवनेश्वर । ओडिशा में इस बार लोकसभा के साथ ही विधानसभा के भी चुनाव कराए जाने हैं। 13 मई और 01 जून के बीच ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों और 147 विधानसभा सीटों के लिए मतदान करवाए जाएंगे। इस बार गौर करने वाली बात है कि कुल 12 राजघरानों के सदस्यों को मैदान में उतारा गया है। यह लोकतंत्र का ही कमाल है कि इतनी बड़ी संख्या में राज परिवारों के लोग जनता की अदालत में वोट के लिए गुहार लगा रहे हैं। बीजू जनता दल यानी बीजेडी ने आठ शाही परिवारों के सदस्यों को टिकट दिया है। भाजपा ने दो तो कांग्रेस ने एक शाही सदस्य को टिकट दिया है। शाही प्रत्याशियों में दस ऐसे हैं जो कि विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा दो लोकसभा के लिए दांव आजमा रहे हैं। बीजेडी ने 28 साल की सुलक्षणा गीतांजलि देवी जो कि दिवंगत एएन सिघदेव की पोती हैं। वह सनखेमुंडी विधानसभा सीट से किस्मत आजमा रही हैं। गीतांजलि कानून में ग्रेजुएट हैं और धारकोटे शाही परिवार की पांचवीं सदस्य हैं जो कि चुनाव में उतरी हैं।
उनका मुकाबला कांग्रेस के विधायक रमेश चंद्र जेना से है। 20 मई को इस सीट पर मतदान होना है। बीजेडी ने चिन्मयानंद श्रीरूप देव को चिकिती से टिकट दिया है जो कि शहरी विकास मंत्री ऊषा देवी के बेटे हैं। वह एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में काम कर चुके हैं। दो दशक तक वह अपना कारोबार कर चुके हैं। \ठ्ठभाजपा ने संगीता कुमारी सिंह देव को फिर से लोकसभा चुनाव में उतारा है। वह बोलनगिर से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं उनके पति और भाजपा के सीनियर नेता केवी सिंहदेव पटनागढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने मालविका केसरी देव को भी कालाहांटी लोकसभा सीट से टिकट दिया है जो कि पूर्व सांसद केशरी देव की पत्नी हैं। इसके अलावा बीजेडी ने बामंदा रानी अरुंधति देवी, पुषेपेंद्र सिंह देव, संयुक्ता सिंह, प्रत्युषा राजेश्वरी, प्रताप देव को भी विधानसभा चुनाव में उतारा है। कांग्रेस ने सुष्मिता सिंह देव को ढेंकनाल विधानसभा सीट पर टिकट दिया है कि ढेंकनाल राजपरिवार से ताल्लुक रखती हैं। जानकारों का कहना हैकि बोलनगीर और कालाहांटी में राजपरिवार का काफी प्रभाव रहा है।



